संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में शुक्रवार सुबह घना कोहरा छाए रहने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त नजर आया। कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई, जिससे आम लोगों से लेकर वाहन चालकों तक को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़कों पर वाहन रेंगते हुए चलते दिखाई दिए और चालकों को हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा।
मौसम की इस मार का असर नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और किसानों सभी पर पड़ा है। जिले का अधिकतम तापमान 19 व न्यूनतम आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर कभी मौसम साफ रहने से हल्की धूप निकलती तो कभी आसमान में फिर से बादल छा जाते। वहीं मौसम विभाग की ओर से एक व तीन फरवरी को बारिश की संभावना जताए जाने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
वीरवार रात करीब एक बजे से ही जिले में कोहरा पड़ना शुरू हो गया था, जो सुबह तक और घना हो गया। कोहरे के कारण कई स्थानों पर कुछ फीट की दूरी तक भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। इसका सबसे ज्यादा असर दोपहिया वाहन चालकों पर पड़ा। बाइक और स्कूटी सवारों को संतुलन बनाकर वाहन चलाना पड़ा। कोहरे में मौजूद नमी के कारण कपड़े भी खराब हो गए। सुबह दफ्तर जाने वाले नौकरीपेशा लोगों को समय पर अपने कार्यस्थल पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
दूसरी ओर मौसम विभाग की ओर से एक व तीन फरवरी को बारिश की संभावना जताए जाने से किसानों की परेशानी फिर से बढ़ गई है। किसानों को आशंका है कि कहीं बारिश के साथ ओलावृष्टि न हो जाए। इससे पहले 24 जनवरी को हुई बारिश के दौरान व्यासपुर और रादौर क्षेत्र में काफी ओलावृष्टि हुई थी, जिससे सरसों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा था। कई किसानों की तैयार फसल खेतों में ही खराब हो गई थी। किसानों का कहना है कि यदि दोबारा ओले गिरे तो फसलों को संभालना मुश्किल हो जाएगा।
सरसों की फसल को मौसम की थोड़ी सी मार से भी बड़ा नुकसान हो सकता है। मौसम विशेषज्ञ अजीत कुमार ने बताया कि एक व तीन फरवरी को बारिश होने की संभावना है। इसलिए किसान मौसम को देखते हुए ही फसलों की सिंचाई करें।
शहर में दोपहर करीब तीन बजे छाए बादल। संवाद