संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। डेंगू इस बार उल्टी चाल चल पड़ा है। पहले ग्रामीण क्षेत्र में डेंगू का कहर ज्यादा देखने को मिलता था। इस बार शहर के लोग ज्यादा चपेट में आ रहे हैं। जिले में अब तक डेंगू के कुल 48 केस मिल चुके हैं। इनमें से 21 केस केवल जगाधरी व यमुनानगर शहरी क्षेत्र से हैं। डेंगू की चपेट में आने वालों में 30 पुरुष व 18 महिलाएं हैं।
वहीं राहत की बात यह है कि मलेरिया व चिकनगुनिया के अभी तक दो-दो केस ही मिले हैं। इससे साफ है कि शहर में डेंगू फैलाने वाले मच्छरों की भरमार है। ऐसे में जिला मलेरिया विभाग का पूरा फोकस इस वक्त शहरी क्षेत्र पर है। शहर की कॉलोनियों में ब्रीडर चेकरों को लगाया गया है, जो घर-घर जाकर मच्छरों के लारवा की जांच कर रहे हैं।
मलेरिया विभाग की जांच में अभी तक 6161 घरों में डेंगू फैलाने वाले मच्छर का लारवा मिल चुका है। इनमें से ज्यादातर लारवा शहरी क्षेत्र में पाया गया। नियमानुसार तो जहां पर एक से ज्यादा बार लारवा मिलता है वहां पर चालान काट कर उनसे जुर्माना वसूला जाए। परंतु स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम की कार्रवाई केवल नोटिस भेजने तक ही सीमित रह गई है। इसे लोग डेंगू बीमारी को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
वहीं मलेरिया व डेंगू से बचाव को लेकर जब बैठकें हो रही थी तब डीसी ने बीमारी फैलने से पहले ही ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में फॉगिंग कराने के निर्देश दिए थे। ग्रामीण क्षेत्र में अभी तक ज्यादातर गांवों में एक बार भी फॉगिंग नहीं हो पाई है। फॉगिंग कराने की रिपोर्ट भी जिला मलेरिया अधिकारी को नहीं भेजी गई। खास बात यह है कि जिले की 439 ग्राम पंचायतों फॉगिंग कराने के लिए मशीनें खरीदी थीं।
खाली प्लॉट बने बीमारियों का घर
शहरी क्षेत्र में खाली प्लॉट भी डेंगू फैलने का बड़ा कारण बन गए हैं। वह इसलिए क्योंकि खाली प्लाटों में बारिश का पानी भर जाता है। काफी लोगों ने शहर में प्लॉट खरीद कर इनकी चहारदीवारी करवा कर गेट लगवा रखे हैं। जब बारिश होती है तो इनमें पानी जमा हो जाता है जिसमें मच्छर का लारवा तेजी से पनपता है। यही लारवा मच्छर बनकर लोगों को डंक मारता है। गत दिनों हुई हुई बैठक में शहरी संपदा विभाग को ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने को कहा गया था, लेकिन हुआ कुछ नहीं।
निगम के वाहनोें में नहीं चलती ऑडियो क्लिप
बारिश के बाद अक्सर डेंगू व मलेरिया फैल जाता है। इसे देखते हुए जिला मलेरिया विभाग लोगों को जागरूक भी कर रहा है। इसके लिए विभाग की तरफ से ऑडियो क्लिप तैयार करवा कर नगर निगम को सौंपी गई थी। ताकि निगम के जो वाहन घर-घर जाकर कूड़ा उठाते हैं उनमें लगे स्पीकर से इसे चलाया जा सके। ऑडियो क्लिप में बताया गया है कि लोग घरों की छतों, खाली बर्तनों आदि में बारिश का पानी जमा न होने दें। फ्रिज के पीछे लगी ट्रे को सप्ताह में एक बार जरूर साफ करें। ताकि उनमें डेंगू के मच्छर का लारवा पनप न सके। परंतु नगर निगम की ओर से यह ऑडियो वाहनों में नहीं चलवाई जा रही।
जिले में डेंगू के अब तक 48 केस हो मिल चुके हैं। शहरी क्षेत्र में डेंगू केस काफी मिले हैं। ब्रीडिंग चेकर घर-घर जाकर मच्छर के लारवा की जांच कर रहे हैं। शहरी क्षेत्र में जागरूकता कैंप भी लगाए गए हैं, जिनमें लोगों को डेंगू के लक्षण व इससे बचाव के बारे में बताते हुए रक्त के सैंपल भी लिए जा रहे हैं। - डॉ. सुशीला सैनी, जिला मलेरिया अधिकारी