फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: शहर में मिल रहे डेंगू व मलेरिया के केस, बैठक से अधिकारी नदारद

Sat, 14 Sep 2024 06:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
यमुनानगर। जिले में डेंगू के 10 और मलेरिया के दो केस मिल चुके हैं। वहीं पड़ोसी जिलों में इन दोनों ही बीमारियों के केस बड़ी संख्या में मिल रहे हैं। इसलिए समय रहते इनकी रोकथाम के लिए शुक्रवार को लघु सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से डिस्ट्रिक्ट लेवल मलेरिया वर्किंग कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान कई विभागों के अधिकारी बैठक से नदारद रहे। बैठक की अध्यक्षता डीसी कैप्टन मनोज कुमार की अनुपस्थिति में जिला परिषद के सीईओ विरेंद्र सिंह ढुल ने की। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशीला सैनी ने पीपीटी के माध्यम से रिपोर्ट प्रस्तुत की।
विज्ञापन

इस बैठक में रोडवेज, नगर निगम, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष, मत्स्य पालन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पीडब्ल्यूडी विभाग से बैठक में कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। हरियाणा रोडवेज का रोल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि डेंगू व मलेरिया फैलाने वाले मच्छर का लारवा पानी में पनपता है। रोडवेज की वर्कशॉप में बड़ी मात्रा में पुराने टायर, स्क्रैप व अन्य सामान खुले आसमान के नीचे पड़ा है। जिनमें बारिश का पानी भर जाता है। फिर इसमें मच्छर का लारवा पनपता है। इसी तरह नगर निगम को उन लोगों के चालान करने होते हैं जिन्हें यहां पर मच्छर का लारवा मिलने पर नोटिस दिए जाते हैं। वहीं प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टर डेंगू टेस्ट के ज्यादा रुपये न ले इसके लिए आईएमए के अध्यक्ष को बुलाया गया था ताकि वह इस बारे में सभी डॉक्टरों को बता सकें। घर-घर तक डेंगू व मलेरिया के प्रति लोगों को जागरूक किया जा सके इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को बुलाया गया था। ताकि वह आंगनबाड़ी वर्करों की मदद से लोगों को जागरूक कर सकें। मौके पर सिटीएम पीयूष गुप्ता, सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह, डॉ. वागीश गुटैन, डीडीपीओ नरेंद्र सिंह, डॉ. विपिन गोंदवाल, सहदेव समेत अन्य मौजूद रहे।

खाली प्लॉट बने मच्छरों का अड्डा
शहर में खाली पड़े प्लॉट मच्छरों का अड्डा बन गए हैं। लोगों ने बड़ी संख्या में प्लॉट तो खरीद रखे हैं, लेकिन इनमें कोई निर्माण नहीं कर रखा। चहारदीवारी करके बाहर गेट लगाकर इन्हें ऐसे ही छोड़ रखा है। जब बारिश होती है तो इन्हीं प्लाॅटों में पानी भर जाता है। डेंगू व मलेरिया फैलाने वाले मच्छर इनमें अंडे देते है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को यह भी नहीं पता कि यह प्लाॅट किसके हैं, ताकि इन प्लॉटों में काला तेल या दवा का छिड़काव किया जा सके। इसका रिकॉर्ड शहरी संपदा विभाग के पास है।
विज्ञापन


सूअर भी बने बीमारी फैलाने का कारण
ग्रामीण क्षेत्र में काफी लोग सूअर पालन का काम करते हैं। परंतु इसके लिए लोगों ने पशुपालन विभाग से लाइसेंस नहीं ले रखा है। सूअर सारा दिन यहां-वहां घूम कर मुंह मारते रहते हैं। जब बारिश होती है तो पानी इनमें भर जाता है। जिसमें मच्छर का लारवा पनपता रहता है। इस पर अंकुश कैसे लगाया जा सकता है इसके लिए जिप सीईओ विरेंद्र ढुल ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों से जवाब मांगा। विभाग के एसडीओ से पूछा कि उपनिदेशक क्यों नहीं आए। एसडीओ ने जवाब दिया कि उनके पास अन्य जिले का एडिशनल चार्ज भी है। जब एसडीओ से उपाय पूछा तो जवाब दिया कि वह तो नए आए हैं।
-
सभी से सहयोग मांगा है : सुशीला सैनी
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशीला सैनी ने बताया कि डिस्ट्रिक्ट लेवल मलेरिया वर्किंग कमेटी की बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों से मलेरिया व डेंगू की रोकथाम के लिए सहयोग मांगा है। इसके लिए सभी विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी भी दी गई है। कुछ विभागों के अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचे, जबकि उन्हें पत्र भेजा गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें