मणिपुर में महिलाओं से क्रूरता व दरिंदगी के विरोध में मंगलवार को विभिन्न कर्मचारी, सामाजिक व महिला संगठनों ने लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अंबाला सहारनपुर नेशनल हाईवे पर प्रधानमंत्री व मणिपुर के मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। जिससे दोनों तरफ आवाजाही बाधित हो गई। पुतला फूंकने के बाद प्रदर्शनकारी लघु सचिवालय पहुंचे। इसके बाद संगठन सदस्यों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संगठनों ने राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मणिपुर में हो रही हिंसा पर तुरंत अंकुश लगाने, दरिंदगी करने वाले, इसमें साथ देने वाले अधिकारियों व नेताओं पर तुरंत एक्शन लेने की मांग की गई। प्रदर्शन में सीआईटीयू, सर्व कर्मचारी संघ, रिटायर्ड संघ, जनवादी महिला समिति, संयुक्त किसान मोर्चा व अन्य संगठनों ने भाग लिया। प्रदर्शन का नेतृत्व सीटू जिला प्रधान रामकुमार कांबोज, एसकेएस जिला प्रधान महिपाल सौदे, रिटायर्ड संघ जिला प्रधान सोमनाथ, संयुक्त किसान मोर्चा जिला सचिव महिपाल चमरोड़ी व जनवादी महिला समिति जिला प्रधान राजेश्वरी ने किया। जबकि संचालन जिला सचिव गुलशन भारद्वाज ने किया। यहां किसान सभा जिला प्रधान व रिटायर्ड कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान जरनैल सिंह सांगवान ने कहा कि देश का खूबसूरत राज्य मणिपुर दो महीने से जल रहा है। हिंसा में करीब 200 लोगों की मौत हो गई है। इसके लिए भाजपा की डबल इंजन की सरकार जिम्मेदार है। हजारों लोग बेघर हो गए हैं। करोड़ों की सार्वजनिक संपत्ति को नाश कर दिया गया है। घरों व स्कूलों में आग लगाई जा रही है। हिंसा के बीच दो महिलाओं को निर्वस्त्र करके घुमाने की शर्मनाक वीडियो आने से तो देश के लोगों में भारी गुस्सा है। इस दौरान एसकेएस से मांगे राम तिगरा, राकेश धनखड़, प्रवेश परोचा, सतीश कुमार, प्रेम प्रकाश, दिनेश तंवर, कुलदीप सिवाच, किशोर कुमार, राजबीर, सीटू से शरबती, विनोद त्यागी, सुनीता सुघ, राजकौर, मीनाक्षी शर्मा, सुनीता करहेड़ा, रिटायर्ड संघ से जोत सिंह, जरनैल चनालिया, मुख्तयार सिंह, राजबीर पिंडोरा, जनवादी महिला समिति से बबिता, सोमवती, किसान सभा प्यारे लाल तंवर अन्य नेताओं ने संबोधित किया।