संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। डेहा बस्ती में नगरपालिका की ओर से हाल ही में कब्जामुक्त कराई गई भूमि पर पुलिस थाना स्थापित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। कस्बे के कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों का कहना है कि इस भूमि का उपयोग जनहित में किया जाना चाहिए, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत हो सके और लोगों को बेहतर पुलिस सेवाएं मिल सकें।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि डेहा बस्ती में लंबे समय से नशे और अन्य अवैध गतिविधियों का कारोबार संचालित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। हाल ही में पुलिस पर हुए हमले की घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों की चिंताएं और बढ़ गई हैं। उनका मानना है कि यदि यहां पुलिस थाना स्थापित किया जाता है तो असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा और अपराधों पर अंकुश लगेगा।
लोगों का कहना है कि वर्तमान पुलिस थाना कस्बे से काफी दूरी पर स्थित है। किसी भी शिकायत, सत्यापन या अन्य पुलिस संबंधी कार्य के लिए लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
समाजसेवी संदीप सैनी का कहना है कि डेहा बस्ती में खाली कराई गई भूमि कस्बे के निकट स्थित है और यहां थाना बनने से आसपास के दर्जनों गांवों को भी लाभ मिलेगा। उनका कहना है कि क्षेत्र के लोगों के साथ जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस मांग को उठाने का निर्णय लिया गया है। उनका कहना है कि भूमि को सार्वजनिक उपयोग में लाया जाए और यहां पुलिस थाना बनाकर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
कब्जामुक्त भूमि पर शुरू हुई तारबंदी
नगरपालिका द्वारा डेहा बस्ती में अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई भूमि को सुरक्षित करने के लिए मंगलवार से तारबंदी का कार्य शुरू कर दिया गया। नगरपालिका की टीम कब्जामुक्त कराई गई जमीन के चारों ओर तार लगाने में जुटी है। नगरपालिका चेयरमैन रजनीश मेहता शालु ने बताया कि कब्जामुक्त कराई गई भूमि पर काफी मात्रा में मलबा पड़ा हुआ है। इसे हटाने के लिए बुधवार से विशेष अभियान चलाया जाएगा।
डेहा बस्ती की कब्जामुक्त भूमि के उपयोग को लेकर आगामी बैठक में सभी पार्षदों की राय ली जाएगी। यदि कस्बे के हित में वहां पुलिस थाना या अन्य सुझाव उपयुक्त पाया गया तो सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजा जाएगा। - रजनीश मेहता शालु, चेयरमैन नगरपालिका।