पानीपत। गर्मी बढ़ने के साथ बिजली और पानी की मांग फिर से बढ़ गई है। बिजली की खपत 1.19 करोड़ यूनिट पहुंच चुकी है। बिजली निगम के सब स्टेशन फिर से हांफने लगे हैं।
ट्यूबवेल चलाने का समय बढ़ाने के बाद भी सप्लाई की मांग पूरी नहीं हो पा रही है। ऐसे में बिजली के अघोषित कट फिर से लगने शुरू हो गए हैं। वहीं पेयजल की कमी को लेकर भी लोगों में आक्रोश बढ़ने लगा है। इन सबके बीच बिजली निगम और जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पेयजल की मांग पूरी करने का दाव कर रहे हैं।
सोमवार को सुबह ही तेज गर्मी पड़ने लगी। अधिकतम तापमान 43 डिग्री पर पहुंच गया। दोपहर के समय चमड़ी को झुलसा देने वाली धूप पड़ी। जिसके चलते दिन के समय करीब चार घंटे लोगों की आवाजाही कम रही। शाम के समय गर्मी कम होने पर लोगों ने राहत की कुछ सांस ली। न्यूनतम तापमान 28 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि इस सप्ताह गर्मी लगातार बढ़ेगी। अधिकतम तापमान 46 और न्यूनतम 32 डिग्री तक पहुंच सकता है। पिछले दिनों मौसम सामान्य होने पर बिजली की खपत एक साथ घट गई थी। यह 1.10 करोड़ यूनिट प्रतिदिन थी। पिछले दो दिन से गर्मी बढ़ने पर बिजली की खपत बढ़ गई है। यह 1.19 करोड़ यूनिट पर पहुंच गई हैं। ऐसे में कई फीडरों पर अघोषित कट लगने लगे हैं। बिजली जाने के बाद लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
जिले में इंडस्ट्री में 16.78 और शहरी क्षेत्र में 36.94 प्रतिशत बिजली खपत हो रही है। खेतों में 14.17 व ग्रामीण 21.43 प्रतिशत खपत है। वहीं हर रोज करीब 60 एमएलडी पानी की जरूरत पड़ती है। जबकि विभाग अपेक्षाकृत पानी नहीं दे पा रहा है। कई क्षेत्रों में अतिरिक्त समय ट्यूबवेल चलाना पड़ता है।
मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि इस सप्ताह गर्मी लगातार बढ़ेगी। मंगलवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री पर पहुंच सकता है। दो दिन हल्के बादल छाए रहने के बाद भी गर्मी लगातार पड़ेगी। सप्ताह के अंत तक तापमान 46 डिग्री पर पहुंच सकता है। इसके साथ न्यूनतम तापमान भी बढ़ने की संभावना है।
वर्जन :
बिजली निर्बाध रूप से चलाने का प्रयास किया जाता है। गर्मी बढ़ने पर मांग भी बढ़ी है। लोगों को बिजली उपकरणों को व्यर्थ नहीं चलाना चाहिए। लोगों के सहयोग से ही बिजली को बचाया जा सकता है।
आदित्य कुंडू, एक्सईएन, सब अर्बन।