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सावित्रीबाई व ज्योतिबा फुले को सरकार दे भारत रत्न: विधायक डॉ. सैनी

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यमुनानगर। सैनी राष्ट्रीय पंचायत की ओर से बसंत विहार कॉलोनी स्थित सैनी धर्मशाला में सावित्रीबाई फुले की 191वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रादौर विधायक डॉ. बिशन लाल सैनी ने कहा कि देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले और ज्योतिबा फुले को भारतरत्न मिलना चाहिए। सावित्रीबाई का जन्म तीन जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के सतारा जिले के नायगांव में खंदोजी नेवसे और लक्ष्मी के घर हुआ था। उनका विवाह महात्मा ज्योतिराव फुले के साथ हुआ। फुले ने पति महात्मा ज्योतिबा फुले के साथ मिलकर महिला शिक्षा पर जोर दिया। इसके साथ सावित्रीबाई फुले ने पिछड़े और दलित वर्ग में शिक्षा का प्रचार-प्रसार किया। उन्होंने जाति प्रथा, बाल विवाह, सती प्रथा का विरोध किया। कहा कि जब सावित्रीबाई फुले विद्यालय जाने के लिए निकलती थीं तो उनके थैले में एक और साड़ी होती थी। क्योंकि रास्ते में लोग टिप्पणी करते थे और उन पर कीचड़ व पत्थर फेंकते थे। लेकिन इन सब अत्याचारों के होते हुए भी उन्होंने नारी शिक्षा के लिए जीवन समर्पित कर दिया। 24 सितंबर 1873 को सावित्रीबाई फुले ने पति महात्मा ज्योतिबा फुले के साथ मिलकर सत्यशोधक समाज की स्थापना की। वर्ष 1897 में मुंबई में जब प्लेग फैला, तब अपनी जान की परवाह किए बिना सावित्रीबाई ने रोगियों की दिन-रात सेवा की। दुर्भाग्य से 10 मार्च 1897 को इसी महामारी से उनकी मौत हो गई। उन्होंने सावित्रीबाई फुले और महात्मा ज्योतिबा फुले के योगदान को देखते हुए केंद्र सरकार से दोनों को भारतरत्न देने की मांग की। कार्यक्रम का संचालन सैनी राष्ट्रीय पंचायत के महासचिव त्रिलोचन सिंह हाफिजपुर ने किया। इस दौरान पवन सैनी, सुंदर सैनी, पाला राम, काका सिंह, जगीर सिंह, बचन सिंह, ओमप्रकाश शाक्य, जसवंत सिंह, रणधीर सिंह, जय सिंह, केवल कृष्ण, कैप्टन रणवीर सैनी, जसपाल, कृष्ण सैनी, सतीश सैनी व फूल सिंह सैनी उपस्थित रहे।
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