यमुनानगर। गुरुद्वारा साहिब में गुरु अमरदास साहिब के प्रकाश पर्व के अवसर पर धार्मिक समागम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संगत ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। साथ ही माथा टेककर आशीर्वाद लिया।
इस दौरान भाई गुरविंदर सिंह पंछी ने गुरमत विचार साझा करते हुए गुरु अमरदास साहिब के जीवन और उपदेशों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु अमरदास साहिब जी ने सेवा, विनम्रता और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
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73 वर्ष की आयु में गुरु घर से जुड़कर उन्होंने सच्ची भक्ति की मिसाल कायम की। उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों, विशेषकर सती प्रथा और पर्दा प्रथा के खिलाफ आवाज उठाकर महिलाओं को समान अधिकार देने का संदेश दिया। भाई पंछी ने पहले पंगत फिर संगत की परंपरा का उल्लेख करते हुए बताया कि गुरु साहिब ने समानता का संदेश दिया।
उन्होंने गोइंदवाल साहिब को धार्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया और बावली साहिब की स्थापना की। समागम में प्रबंधक कमेटी के सचिव अमरजीत सिंह ने भी संगत को बधाई दी। अंत में अरदास के उपरांत गुरु का लंगर वितरित किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक माहौल बना रहा।