जगाधरी। गर्मी की छुट्टियां शुरू होने वाली है। छुट्टियों में मात्र एक सप्ताह का समय बचा है। गर्मी की छुट्टियों में लोग बाहर घूमने जाते हैं। जिससे ट्रेनों में भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में भीड़ नियंत्रित करने के लिए रेलवे हर साल ग्रीष्मकालीन विशेष गाड़ियाें का संचालन करता है। इस बार भी छुट्टियों के दिनों में ट्रेनों में भीड़ होने लगी है। लोगों ने अपनी योजना व रूट के अनुसार ट्रेनों में आरक्षण करवाना शुरू कर दिया है। लेकिन किसान आंदोलन के कारण इस साल रेलवे की ओर से अभी तक समर स्पेशल ट्रेन नहीं चलाई है। जबकि हर साल मई के अंत तक इन गाड़ियों का संचालन शुरू हो जाता था।
किसानों ने 34 दिन तक शंभू स्टेशन पर रेल ट्रैक जाम कर प्रदर्शन किया था। किसानों का प्रदर्शन 17 अप्रैल से 20 मई तक चला। रेल ट्रैक पर किसानों के बैठे होने के कारण रेलवे को दर्जनों ट्रेनों के रूट बदलकर दर्जनों ट्रेनें रद्द करनी पड़ी थी। एक महीने से कई ट्रेनें रद्द थीं। आंदोलन के कारण नियमित गाड़ियां नहीं चल पा रही थी, ऐसे में स्पेशल चलाना बिल्कुल भी संभव नहीं था। इसी के चलते रेलवे ने अभी तक ग्रीष्मकालीन गाड़ियां नहीं चलाई थीं। लेकिन अब किसान हट चुके हैं और ट्रेनों में सीटों की मांग भी हर दिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में रेलवे स्पेशल ट्रेन चलाकर भीड़ नियंत्रित करने की योजना बना रहा है। इसके लिए अंबाला मंडल की ओर से मुख्यालय प्रस्ताव भी भेजा गया है। मुख्यालय से अनुमति मिलते ही स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी।
छुट्टियों के कारण बढ़ी मांग
गर्मी की छुट्टियों के लिए लोगों ने अभी से आरक्षण शुरू करवा दिया है। जिसके चलते जून में पहाड़ों व अन्य पर्यटन स्थलों की ओर से जाने वाली अधिकांश गाड़ियों में वेटिंग स्टेट्स चल रहा है। ऐसी ट्रेनों में कंफर्म सीट नहीं मिल पा रही है। यही नहीं जम्मूतवी व श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा जाने वाली तमाम गाड़ियों में लंबी वेटिंग है। यही नहीं हेमकुंड एक्सप्रेस, योगनगरी एक्सप्रेस, कोलकाता एक्सप्रेस, हिमगिरी मेल में जुलाई के पहले सप्ताह तक वेटिंग है।
वर्जन
गर्मियों का रश करने के लिए रेलवे हर साल समर स्पेशल ट्रेन चलाता है। इस बार किसान आंदोलन व ट्रैक जाम होने के कारण अभी इन गाड़ियों का संचालन नहीं किया गया है। हालांकि समर स्पेशल के डिमांड भेजी गई है। मुख्यालय की अनुमति के बाद गाड़ियों का संचालन किया जाएगा।
-एनके झा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक।