संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। छह साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या करने के दोषी को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट सेशन जज रंजना अग्रवाल की अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। बच्ची के परिजनों को सरकार की ओर से 15 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। दोषी और मृतका की डीएनए जांच में मिलान सजा दिलवाने में अहम साबित हुए।
दोषी के खिलाफ थाना छछरौली में मामला दर्ज हुआ था। थाना छछरौली क्षेत्र के गांव की एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज करवाई कि 20 सितंबर 2024 को उसकी छह वर्षीय बच्ची शाम को घर के बाहर खेलते-खेलते लापता हो गई थी। तलाश करने के दौरान जानकारी मिली कि राजेश कुमार उर्फ निर्मल उसे खेतों की ओर ले जाता देखा गया था। बाद में बच्ची का शव गांव से थोड़ी दूरी पर गन्ने के खेत में बरामद हुआ था। पुलिस ने राजेश कुमार को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। मां ने बताया था कि शाम करीब चार बजे उसकी बच्ची पड़ोस में खेलने गई थी। शाम साढ़े पांच बजे वह ट्यूशन पर जाती थी। खेलने के बाद वह स्वयं पांच बजे घर आ जाती थी, लेकिन जब बच्ची साढ़े पांच बजे तक घर नहीं आई तो उसने उसकी तलाश शुरू की। तलाश करने के दौरान गांव के व्यक्ति ने बताया कि एक बच्ची को गांव का ही राजेश खेतों की तरफ ले गया था।
इसके बाद ग्रामीण व लड़की के परिजन उसकी तलाश में जुट गए थे। ग्रामीणों को गन्ने के खेत के बाहर बच्ची की चप्पल मिली। इसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर पूरे गन्ने के खेत को खंगाल डाला था, रात करीब 10 बजे खेत के बीच में बच्ची का शव पड़ा मिला था। पुलिस ने मामले में गांव के ही राजेश के खिलाफ पॉक्सो एक्ट व हत्या के आरोप में केस दर्ज कर लिया था।