जगाधरी तहसील में सोमवार को रजिस्टरी कराने के लिए लगी भीड़। संवाद
यमुनानगर। जिले में जमीन के कलेक्टर रेट में 15 से 75 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव अब लागू होने की कगार पर है। जिला प्रशासन ने इस संबंध में आई आपत्तियों और सुझावों पर विचार करने के बाद प्रॉपर्टी डीलरों को स्पष्ट कर दिया है कि नए कलेक्टर रेट एक अप्रैल से ही प्रभावी होंगे।
सोमवार को सुबह 10 बजे तक आपत्तियां और सुझाव देने की समय सीमा तय की गई थी। इसके बाद शाम को जिला सचिवालय में उपायुक्त प्रीति की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें एसडीएम, राजस्व विभाग के अधिकारी और प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में प्रस्तावित दरों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन की ओर से प्रधान बिरेंद्र वधावन, उपप्रधान मनोज पंजेटा और अनिल गोयल ने प्रशासन के समक्ष दो प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि कलेक्टर रेट में वृद्धि से आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, इसलिए इसे लागू न किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने आपत्तियां दर्ज कराने की समय सीमा बढ़ाने की भी मांग की, यह तर्क देते हुए कि लोगों को पर्याप्त समय नहीं मिला।
हालांकि प्रशासन ने दोनों मांगों को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की गई है और निर्धारित समय में ही निर्णय लिया जाएगा। ऐसे में अब तय हो गया है कि नए कलेक्टर रेट एक अप्रैल से लागू होंगे। माना जा रहा है कि प्रस्तावित दरों को लेकर बहुत कम आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि लोगों को समय पर सूचना नहीं मिल सकी। शनिवार को प्रस्तावित रेट प्रशासन की वेबसाइट पर अपलोड किए गए, जबकि रविवार को अखबारों में इसकी जानकारी प्रकाशित हुई। रविवार को सरकारी कार्यालय और तहसील बंद रहने के कारण लोग अपनी आपत्तियां दर्ज नहीं करा सके।