बिलासपुर। साढौरा (आरक्षित) सीट से पूर्व विधायक बलवंत सिंह को टिकट दिए जाने से नाराज पूर्व प्रत्याशी दाता राम ने पिछले सप्ताह भाजपा छोड़ दी थी। वे बुधवार को सैलजा के नेतृत्व में कांग्रेस में शामिल हो गए। साढौरा से वर्तमान कांग्रेस विधायक रेनू बाला ने नामांकन से पहले अनाज मंडी बिलासपुर में जनसभा का आयोजन किया गया था। जिसमें दाता राम ने कांग्रेस का पटका पहनकर सदस्यता ग्रहण की। रेनू बाला ने उन्हें पार्टी में पूरा मान सम्मान देने की बात कही।
वहीं भाजपा में बगावत थम नहीं रही है। दाता राम के बाद ब्लॉक समिति बिलासपुर की चेयरमैन सुनीता देवी और उनके पति भूषण गुर्जर भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए। वह दोनों पहले कांग्रेसी थे। पंचायती राज चुनाव के बाद ब्लॉक समिति चेयरमैन की कुर्सी को देखते हुए भाजपा ने उन्हें अपने पाले में कर लिया था। अब वह एक बार फिर भाजपा को छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हो गए। उनके साथ कुछ ब्लॉक समिति सदस्यों ने भी कांग्रेस का दामन थाम लिया। इतना ही नहीं फेसबुक पर मार्केटिंग कोऑपरेटिव सोसाइटी के पूर्व चेयरमैन मंगत राम उर्फ काला सरपंच भीलपुरा ने भी भाजपा छोड़ने की पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि भाजपा की बचपन से अब तक मां मानकर निस्वार्थ भाव से सेवा की। उसको आज छोड़ना पड़ रहा है। 35 वर्षों की मेहनत का सफर आज दुखी मन से समाप्त करना पड़ रहा है, क्योंकि पार्टी में बैठे कुछ लोग अटल जी की वह बात भूल गए हैं जो कहा करते थे कि चुनाव भले ही हार जाएं, पर सच्चे व ईमानदार कार्यकर्ता को मत छोड़ना। क्योंकि चुनाव तो बाद में भी जीता जा सकता है, कार्यकर्ता दोबारा नहीं आएगा। यहां तो बिल्कुल उल्टा हो रहा है। नेताओं की नीयत और उनका मकसद क्या है यह आप सभी काे पता है।
बृजपाल छप्पर ने झोली फैलाकर मांगे वोट
साढौरा सीट से टिकट नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस नेता बृजपाल छप्पर बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए थे। उन्होंने बुधवार को दलबल के साथ रोड शो निकालते हुए नामांकन किया। इस दौरान बृजपाल छप्पर व उनकी पत्नी पिंकी छप्पर कार की छत पर सवार हुए। दोनों ने अपनी झोली फैलाकर लोगों से उन्हें वोट देकर भारी मतों से जीत दिलाने की अपील की। उनके काफिले में हजारों वाहन व समर्थक शामिल थे।