एफसीआई में नौकरी के नाम पर तीन लोगों पर दो लोगों से 15 लाख रुपये ठगने का आरोप है। प्रभावित लोगों ने इसकी शिकायत एसपी को दी। एसपी ने मामले की जांच संबंधित थाना प्रभारियों को सौंपी है।
मुस्तफाबाद निवासी आशीष कुमार ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2018 में उसके साले राजीव गुप्ता की बेटी रिधिमा गर्ग नौकरी की तलाश में थी। फरवरी 2018 में एक दिन वह मुस्तफाबाद के ही एक व्यक्ति के घर बैठा हुआ था। तभी वहां पर उस व्यक्ति का मामा अपने साले के साथ पहुंचा और बातचीत करने लगे। तभी आरोपियों ने उसे कहा कि उनके कई नेताओं के साथ अच्छे राजनैतिक संबंध हैं। किसी को एफसीआई फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (भारतीय खाद्य निगम) में नौकरी चाहिए तो हम लगवा देंगे। लेकिन इसके लिए दस लाख रुपये देने पड़ेंगे। उसने आरोपियों के समक्ष अपनी भतीजी रिधिमा को नौकरी लगवाने की बात कही। 23 फरवरी 2018 से पांच जुलाई 2018 तक उसने आरोपियों को नौ लाख रुपये और अपनी भतीजी के दस्तावेज दे दिए। लेकिन काफी समय बीतने पर भी आरोपियों ने उसकी भतीजी की नौकरी नहीं लगवाई। उसने आरोपियों से अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने 24 सितंबर 2018 को उसे सात लाख रुपये का एक चैक दिया। जो बाउंस हो गया। उसे फिर आरोपियों से अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने उसे रुपये देने से मना कर दिया और दोबारा मांगने पर जान से मारने की धमकी दी।
इसी तरह आरोपियों ने रादौर के बीड़ बलसुआ निवासी रामपाल से एफसीआई में नौकरी लगवाने के नाम पर सात लाख रुपये हड़प लिए। यहीं नहीं आरोपियों ने फर्जी तौर पर अथॉरिटी लेटर भी जारी कर दिया। लेकिन जब रामपाल वहां पहुंचा तो यह अथॉरिटी लेटर फर्जी पाया गया। रामपाल ने भी इसकी शिकायत पुलिस को दी है। एसपी कुलदीप गोयल का कहना है कि दोनों मामलों की जांच करवाई जा रही है। जांच के बाद पुलिस आगामी कार्रवाई करेंगी।