फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साइबर ठग ने पॉलिटेक्निक छात्रा को स्कैन कोड भेज 40700 रुपये ठगे

विज्ञापन
विज्ञापन
यमुनानगर। पापा द्वारा रुपये भेजने का झांसा देकर साइबर ठग ने पॉलिटेक्निक छात्रा से 40,700 रुपये ठग लिए। आरोपी ने छात्रा के व्हाट्सएप पर स्कैन कोड भेजकर रुपये गूगल पे करने की बात कहकर अपने जाल में फंसाया। इसके बाद उससे ठगी की। ठगी का शिकार होने के बाद छात्रा ने इसकी शिकायत साइबर थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में अज्ञात पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन

जगाधरी के रामलीला भवन के नजदीक रहने वाली ज्योति गुप्ता ने शहर जगाधरी पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह सेठ जय प्रकाश पॉलिटेक्निक कॉलेज दामला में पढ़ती है। उसके पिता उत्तर प्रदेश में जॉब करते है और उसके पास रुपये भेजते रहते है। 30 जून को वह छछरौली में गेम खेलने गई थी, तब उसके मोबाइल पर एक नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने उससे कहा कि उसके पापा ने रुपये भेजे है।
आरोपी ने उसके व्हाट्सएप पर एक स्कैन कोड भेजकर उससे उसका गूगल पे नंबर मांगा और स्कैन कोड गूगल पे से स्कैन करने को कहा। उसने आरोपी को कहा कि वह गूगल पे नहीं चलाती। उस समय उसके साथ उसकी सहेली काजल थी। उसने अपनी सहेली के गूगल पे से कोड स्कैन किया। तब उसके खाते में 100 रुपये आ गए। आरोपी ने दोबारा भी स्कैन कोड भेजकर उसे स्कैन करने को कहा। कोड स्कैन करते ही उसकी सहेली के खाते से 30,700 रुपये कट गए।
विज्ञापन

रुपये कटने पर उसने आरोपी को फोन किया लेकिन उसका नंबर नहीं लगा। उसने तुरंत इसकी ऑनलाइन शिकायत की। इसके बाद दोबारा फिर आरोपी का फोन आया। उसने आरोपी को खाते से रुपये कटने की बात कही तो आरोपी ने उसे कहा कि 11 हजार रुपये उसे भेजो, उसके कटे हुए 30,700 रुपये वापस आ जाएंगे। आरोपी की बातों में आकर उसने 18 जुलाई को अपने दोस्त साहिल के गूगल पे से आरोपी को 11 हजार रुपये गूगल पे करवा दिए लेकिन उसके न तो पहले कटे हुए 30,700 रुपये वापस आए और न ही 11 हजार रुपये। इस दौरान साइबर ठग ने छात्रा से 40,700 रुपये ठग लिए। उसने इसकी शिकायत साइबर थाना पुलिस को दी। जांच अधिकारी एसआई खुशबीर सिंह का कहना है कि मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी के नंबर के आधार पर उसकी तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें