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एशिया की सबसे बड़ी शुगर मिल में शुरू हुई पिराई, 160 लाख क्विंटल का लक्ष्य

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पिराई शुरू होने पर शुगर मिल में खड़े गन्ने से लदे वाहन। - फोटो : Yamuna Nagar
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एशिया की सबसे बड़ी शुगर मिल में शुमार सरस्वती शुगर मिल ने मंगलवार धुआं उगलना शुरू कर दिया। मंलगवार को पिराई का पहला दिन रहा। इस दौरान मिल में जश्न सा माहौल बना रहा। प्रबंधन कमेटी सहित आला अधिकारी की मौजूदगी में विधिवत पूजन कर मशीने चालू की गई। पूजन के बाद लड्डू बांटकर खुशी मनाई गई। हर साल की तरह इस साल भी सबसे पहले गन्ना लेकर पहुंचने वाले किसान को सम्मानित किया गया। गए साल की अपेक्षा इस साल लक्ष्य कम हो गया है।
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मंगलवार से सरस्वती शुगर मिल में चीनी बनाने के लिए गन्ना पिराई शुरू हो गई। सुबह मुख्य संचालक एसके सचदेवा सहित प्रबंधक कमेटी सदस्यों व अधिकारियों ने मिलकर विधिवत पूजा कर पिराई का शुभारंभ किया। मिल की दोनों इकाइयां शुरू हो गई हैं। पूजन के बाद लड्डू बांटकर इसकी खुशी मनाई गई। इस साल 160 क्विंटल गन्ने की पिराई का लक्ष्य रखा गया है। जो कि पिछले साल की अपेक्षा 6 लाख क्विंटल कम है। मिल में पिराई पहली मई तक चलेगी। मिल शुरू होने की सूचना मिलने पर रात को ही गन्ने की ट्रालियां व ट्रक पहुंचने शुरू हो गए। आए साल की तरह इस साल भी सबसे पहले पहुंचे किसान को सम्मानित किया गया। सबसे पहले पहुंचने पर पांजपुर के राजेश को मुख्य संचालक ने सम्मानित किया।
पहले दिन 60 हजार क्विंटल का लक्ष्य
मंगलवार को पिराई का पहला दिन था। पिराई पूजा के बाद शुरू की गई। इसलिए पहले दिन 65 हजार क्विंटल गन्ना पिराई का लक्ष्य रखा गया। जबकि दूसरे दिन इसका टारगेट 80 हजार क्विंटल है। सरस्वती शुगर मिल की चीनी की देश ही नहीं विदेश में भारी मांग है। वहीं यह जिस कारण यह सबसे सुपर फाइन शुगर बनाने वाली मिल है।
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पैदावर कम होने से घटा लक्ष्य
पिछले साल मिल की ओर से 166 लाख क्विंटल गन्ना पिराई का लक्ष्य रखा गया था। जो इस बार 6 लाख क्विंटल घट कर 160 लाख क्विंटल रह गया है। इसका कारण पैदावर कम होना है। अधिकारियों की माने तो इस बारे पिछले साल की तुलना में गन्ना की पैदावर 12 प्रतिशत कम हुई है। जिस कारण इस बार लक्ष्य थोड़ा कम हो गया है।
दाम तय होनेे पर किया जाएगा भुगतान
मिल में भले ही पिराई शुरू हो चुकी है और किसान गन्ना लेकर पहुंच रहे हैं। लेकिन किसानों का भुगतान अभी नहीं हो पाएगा। चूंकि अभी तक गन्ने का दाम निर्धारित नहीं हो पाया है। इस बारे मुख्य संचालक अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार से इस मामले में लगातार बात चल रही है। ये बात कंट्रोल बोर्ड की मीटिंग में भी हुई थी। कि मिल शुरू होने से पहले गन्ने के रेट और पेमेंट क्लीयर हो जाए। उन्होंने कहा कि जो दाम और फार्मूला सरकार ने पिछली बार निर्धारित किया था। अगर वो फार्मूला चेंज नही होता तो हम पूरी तरह तैयार है। तो उस तरह पेमेंट करने में परेशानी भी नहीं आएगी।
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