संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। आदिबद्री स्थित मां मंत्रा देवी मंदिर में अक्षय तृतीया के उपलक्ष्य में मेले का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर माता के चरणों में शीश नवाया और सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह तड़के ही श्रद्धालुओं का मंदिर की ओर आना शुरू हो गया था। दूरदराज के गांवों और शहरों से लोग परिवार सहित यहां पहुंचे।
कई श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए और कुछ सीढ़ियों के कठिन रास्ते से जय माता दी के जयकारे लगाते हुए मां के दरबार तक पहुंचे। तेज गर्मी और चढ़ाई की कठिनाइयों के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक था। विशेष रूप से महिला श्रद्धालुओं की भागीदारी भी काफी अधिक रही, जो समूहों में भजन गाते हुए मंदिर तक पहुंचीं।
मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र मेले के रूप में पूरी तरह सजा हुआ दिखाई दिया। विभिन्न प्रकार की दुकानों पर श्रद्धालुओं ने प्रसाद, खिलौने, श्रृंगार सामग्री और खाने-पीने की वस्तुओं की जमकर खरीदारी की। बच्चों और युवाओं में मेले को लेकर खास उत्साह देखा गया। मेले का माहौल पूरी तरह धार्मिक बना रहा।
पानीवाला गांव के लोगों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके अलावा गांव काठगढ़ के लोगों ने मीठे और ठंडे पानी की छबील लगाकर गर्मी में आने वाले श्रद्धालुओं को राहत पहुंचाई। बनकट गांव के डॉक्टर रामचंद्र के परिवार ने भी अपनी पुरानी परंपरा को निभाते हुए जल सेवा का कार्य किया।
इस संबंध में डॉक्टर अनिल धीमान ने बताया कि अक्षय तृतीया के अवसर पर उनके पूर्वज वर्ष 1952 से आदिबद्री में बनी कुई से पानी निकालकर श्रद्धालुओं को पिलाते थे। अब उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उनका परिवार हर साल यहां जलजीरे की सेवा करता है, जिससे श्रद्धालुओं को गर्मी में राहत मिलती है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।