संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली (यमुनानगर)। पहाड़ों में हुई जोरदार बारिश के बाद जिले की पथराला नदी उफान पर आ गई। बाढ़ का पानी साथ लगते खेतों में घुस गया, जिससे फसलें डूब गईं। वहीं बाढ़ बचाव के राहत कार्यों की पोल भी खुल गई। वहीं कोटड़ा खान सिंह गांव में पथराला नदी की पटरी क्षतिग्रस्त हो गई है। पटरी टूटते ही नदी का पानी गांव में लोगों के घरों तक पहुंच गया है।
ग्रामीण भूपा ने बताया कि सिंचाई विभाग कहने को तो हर साल पटरी की रिपेयर पत्थर के स्टड आदि से काम कराता है, पर हर साल गांव के पास से पटरी उखड़ जाती है और नदी का पानी घरों तक पहुंच जाता है। इसके अलावा बाढ़ का पानी हर साल सैकड़ों एकड़ फसल भी बर्बाद करता है। ग्रामीणों की मांग है कोटड़ा कान सिंह गांव के पास नदी की पटरी पक्की कंक्रीट से बनाई जाए ताकि बार बार पटरी टूटने से पानी गांव की तरफ ना आए।
पथराला व सोम दोनों नदियों में आए बाढ़ का पानी नदियों से बाहर निकल क्षेत्र के कोट, घिसरपडी, कोटड़ा कान सिंह, लेदा खास, लेदी, दादुपुर जाटान, मानीपुर, चिंतपुर, खानूवाला, लोप्पो, तुगलपुर, तिहाणो, सलेमपुर, हडौली, हाफिजपुर, हाफजी, बरौली, माजरा, डमौली, बलोली, तारूवाला, रायपुर, याकूबपुर, दसौरा, दसौरी, उर्जनी व चुहडपुर आदि गांवों में सोम व पथराला नदियों ने लगभाग पांच सौ एकड़ धान व गन्ने की फसल को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया है। इन गांवों के किसानों ने सरकार से स्पेशल गिरदावरी कर मुआवजे की मांग की है।