प्रशासन के जागरूकता अभियान के बावजूद किसान खेतों में फसल अवशेष जलाने से बाज नहीं आ रहे। सेटेलाइट से जिले में 12 जगह पर पराली जलती मिली। इनमें से आठ लोकेशन की कृषि विभाग ने पहचान करके किसानों पर 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। किसानों से यह जुर्माना राशि वसूल भी कर ली गई। शेष चार लोकेशन की पहचान नहीं हो पाई है।
कृषि विभाग के अनुसार सरस्वतीनगर के जागधाैली गांव, झाड़ चांदना, कुलचंदू, रादौर के सतगौली गांव, मोहड़ी गांव, छछरौली के चाउवाला, कनालसी व सलेमपुर बांगर गांव, साढौरा के इस्माइलपुर गांव में सेटेलाइट के माध्यम से खेतों में फसल अवशेष जलाने की घटना पकड़ी गई है। विभाग ने 2500 रुपये प्रति एकड़ की दर से किसानों पर जुर्माना लगाकर राशि वसूल ली है। पांच एकड़ तक फसल अवशेष जलाने पर 2500 रुपये प्रति एकड़ की दर से और इससे ज्यादा पर 15 हजार रुपये एकड़ की दर से जुर्माना लगाने का प्रावधान है। फिलहाल बिलासपुर ब्लॉक ही जिसमें अभी तक अवशेष जलाने का कोई मामला सामने नहीं आया है।
कृषि एवं कल्याण विभाग के उप निदेशक आत्मा राम गोदारा ने बताया कि आठ मामले फसल अवशेष जलाने के पकड़ में आए हैं। जो किसान अपने खेत में फसल अवशेषों में आग लगाते है वह पर्यावरण के साथ-साथ अपनी भूमि की उर्वरा शक्ति को भी बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाते है। ऐसे किसान सरकार द्वारा चलाई गई सीआरएम योजना के तहत इन सीटू व एक्स सीटू प्रबंधन के तहत मिलने वाली 1000 रुपये प्रति एकड़ अनुदान राशि का भी नुकसान करते हैं। भविष्य में इन किसानों को सरकार द्वारा चलाई जा रही किसी भी स्कीम का लाभ नहीं दिया जाएगा। यदि किसी किसान ने अपने खेत में फसल अवशेषों में आग लगाई तो उसके विरूद्ध कृषि विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही उन पर एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।