संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शामली के झिंझाना में यूपी पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ में चार बदमाश ढेर होने के बाद यमुनानगर पुलिस भी इसे लेकर सक्रिय हो गई। पुलिस को आशंका है कि नवंबर में यमुनानगर के ज्वेलरी शोरूम में हुई डकैती को भी इन्हीं बदमाशों ने अंजाम दिया था। जांच में अब तक अरशद का नाम सामने आया है।
बीती 25 नवंबर को यमुनानगर के जगाधरी ईएसआई अस्पताल के सामने ज्वेलरी शोरूम में डकैती की वारदात हुई थी। डकैती के बाद बदमाशों ने सर्राफ को भी गोली मार दी थी। वारदात के बाद बदमाश बाइकों को यमुना नहर में फेंककर यूपी की ओर फरार हो गए थे। जांच में पता चला था कि बदमाशों ने यूपी से एक बाइक चोरी की थी ओर एक बाइक लूटी थी। उसी समय से यमुनानगर पुलिस बदमाशों की तलाश कर रही थी।
उधर, यमुनानगर की वारदात के चार दिन बाद बदमाशों ने यूपी के सहारनपुर के बेहट में भी डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। जिस तरीके से बदमाशों ने वारदात की थी उससे लग रहा था दोनों वारदातों को एक ही गैंग ने अंजाम दिया है। यूपी पुलिस और हरियाणा पुलिस बदमाशों की तलाश में जुट गई थी।
यूपी पुलिस ने बेहट डकैती का खुलासा कर कुछ बदमाशों को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद अरशद का नाम सामने आया था। अरशद पहले कग्गा गैंग का सक्रिय सदस्य था। यूपी पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख का इनाम घोषित किया था।
सोमवार रात को यूपी के शामली जिले के झिंझाना में हुई मुठभेड़ में अरशद और तीन अन्य साथी मारे गए। इसके बाद यमुनानगर पुलिस भी सक्रिय हो गई है। यमुनानगर पुलिस डकैती की वारदात का लिंक जोड़कर जांच कर रही है।