आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। चार जवानों की मौजूदगी के बावजूद आरोपी कैसे फरार हुआ, इसे लेकर पुलिस अधिकारी फिलहाल स्पष्ट जवाब देने से बच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इस मामले में ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
मामला 2 मई की तड़के सुबह का बताया जा रहा है। गांव पड़वाला निवासी सुरेश कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सुबह करीब 4:25 बजे एक युवक बिना नंबर प्लेट की काले रंग की बाइक पर तरावड़ी स्थित चौधरी पेट्रोल पंप पर पहुंचा। आरोपी ने पहले 100 रुपये का पेट्रोल डलवाया और पैसे भी दे दिए। इसके बाद जब सेल्समैन सुरेश कुमार वापस शोरूम की तरफ जाने लगा तो आरोपी उसके पीछे आ गया। आरोपी ने कमीज उठाकर जेब से पिस्तौल निकाली और सुरेश कुमार पर तान दी। उसने धमकी देते हुए कहा कि जितना कैश है, निकाल दो।
सुरेश कुमार ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी की पिस्तौल पर हाथ मार दिया और शोर मचा दिया। शोर सुनकर गांव तखाना निवासी नरेश कुमार भी मौके पर पहुंच गया। दोनों ने मिलकर आरोपी का विरोध किया, जिससे वहां धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी दौरान आरोपी ने फायर कर दिया, लेकिन गोली हवा में निकल गई और बड़ा हादसा बच गया। अचानक हुई फायरिंग से पेट्रोल पंप पर अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
पीड़ित के अनुसार पूरी घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। वारदात के बाद आरोपी तुरंत बाइक पर सवार होकर तरावड़ी टी-प्वाइंट की तरफ फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से गोली का खोल बरामद किया गया और सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपी की तलाश जारी रखी। करीब 23 दिन बाद सीआईए-1 की टीम ने मेरठ रोड स्थित आवर्धन नहर के पास आरोपी को घेर लिया। इस दौरान आरोपी ने पुलिस पर हमला करने की कोशिश की, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में वह घायल हो गया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी पर पहले से कई गंभीर मामले दर्ज हैं और वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था।