मै पत्नी व वकील से परेशान होकर सुसाइड कर रहा हूं, बहन के व्हाट्सएप पर मैसेज कर युवक पश्चिमी यमुना नहर में कूद गया। युवक की बाइक व मोबाइल सिटी सेंटर के नजदीक मिला। तीन दिन बाद शव ठसका पुल से बरामद किया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया है। परिजनों ने मृतक की पत्नि व एक वकील को उसकी मौत का जिम्मेवार ठहराया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
कांसापुर की रामनगर कॉलोनी निवासी गगनदीप ने बताया कि उसके भाई वरिंद्र पाल (28) रविवार शाम को माडल कालोनी स्थित अपनी बड़ी बहन के घर गया था। शाम के समय बहन को खाना बनाने के लिए कहा और घर से चला गया। कुछ देर बार उसकी बहन के व्हाट्सएप पर वरिंद्र पाल का मैसेज आया कि मै अपनी पत्नी और वकील से परेशान होकर सुसाइड कर रहा हूं, उसकी मौत का जिम्मेवार उसकी पत्नि व वकील है। उसकी बाइक सिटी सेंटर के पिछले गेट पर खड़ी है। यह मैसेज भेजने के बाद उसका नंबर बंद हो गया। उसकी बहन ने भाई के मोबाइल पर कई बार फोन किया, लेकिन फोन नहीं लगा। आनन फानन में वह सिटी सेंटर के पिछले गेट पर गए और वहां से उन्होंने वरिंद्र की बाइक व मोबाइल बरामद किया। इसकी सूचना परिजनों ने पुलिस को दी। पुलिस ने उस समय मामले की जांच के बाद गुमशुदगी का केस दर्ज किया था। नहर में कूदने की आशंका पर परिजन नहर में उसकी तलाश कर रहे थे। बुधवार सुबह ठसका पुल के नजदीक एक युवक का शव नहर में पड़ा हुआ दिखाई दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया। कुछ देर बाद वरिंद्र के परिजन भी मौके पर पहुंच गये। उन्होंने शव की शिनाख्त वरिंद्र पाल के रूप में की। परिजनों का आरोप है कि वरिंद्र की मौत का जिम्मेवार उसकी पत्नी व एक वकील है। पुलिस ने शव को कब्जेे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
शक के कारण ढाई साल छोड़कर चली गई थी पत्नी
गगनदीप ने बताया कि उसके भाई वरिंद्र की शादी करीब सात साल पहले देहरादून निवासी महिला के साथ हुई थी। उसके पास एक बेटा भी है। उसका भाई डीजे का काम करता था और उसकी पत्नी उस पर शक करती थी। इसीलिए वह उसे छोड़कर चली गई। पिछले ढाई साल से उनका केस कोर्ट में चल रहा था। वह अपनी पत्नी से बहुत परेशान था। इसलिए उसे आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया ।
ये लिखा है व्हाटसएप मैसेज में
मेरी मौत की जिम्मेदार मेरी पत्नी और उसका एडवोकेट है। उनके कारण मै आत्म हत्या कर रहा हूं और कोई भी कारण नहीं है। और मेरा मोबाइल भी पैकेट में ही होगा।
दीदी पहले तो मै आपका थैंक्यू करता हूं, कि आप सब ने मेरा बहुत साथ दिया। पर मैं केस की सिच्यूऐशन से बाहर नहीं आ पा रहा हूं। इसलिए बहुत सोच के यह कदम उठा रहा हूं। मोनू भइया आप को हिसाब करके पैसे दे गये। जो भी पैसे दे गए वो अनुष्का को दे देना। उसे बोलना ले ले, तब मेरी आत्मा को शांति मिलेगी। मैने उसके छह लाख देने है और अगर छह लाख से ज्यादा का हिसाब निकला तो वो आप रख लेना और अगर आप की बाइक यमुना के पुल से चोरी हो गई तो पहले जीजा को न्यू बाइक दिलवाना फिर अनुष्का को पैसे देना। ओके थैंक्यू जीजू आपने मेरा बहुत साथ दिया। ये गोल्ड भी सेल करके जो पैसे मिले वो भी अनुष्का को दे देना और जैसे ही ये मैसेज मिले तो यमुना के पुल से अपनी बाइक ले जाना। ओके।
मोबाइल डिटेल निकलवाने के बाद होगी आगामी कार्रवाई
जिस व्हाट्सएप नंबर पर सुसाइड के बारे में लिखा गया है, उसकी डिटेल निकलवाई जा रही है, ताकि सही जानकारी मिल सके। मामले में गुमशुदगी का मामला दर्ज किया हुआ है। उसकी बहन के नंबर की जांच भी जा रही है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- धर्मपाल, इंचार्ज, गांधी नगर चौकी, थाना फर्कपुर।