पुलिस ने यमुनानगर में अपराधियों व उनसे संबंध रखने वाले लोगों के खिलाफ जिला पुलिस ने रविवार को ऑपरेशन प्रहार चलाया। पुलिस ने एक साथ 15 जगहों पर छापामारी की। इस दौरान पुलिस को पांच जगहों से 39 लाख रुपये से ज्यादा कैश बरामद हुआ। वहीं एक देसी कट्टा, एक देसी पिस्टल, एक डमी पिस्टल, 18 कारतूस, के अलावा बटन वाले चाकू भी बरामद हुए। वहीं पुलिस ने काफी संख्या में मोबाइल, सिम कार्ड, रिकॉर्डर, बैंक स्टेटमेंट, प्रॉपर्टी दस्तावेजों, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड व हार्ड ड्राइव को भी सीज कर कब्जे में ले लिया।
शाम चार बजे तक छापामारी को 12 घंटे बीत चुके थे। इसके बाद भी छापामारी चलती रही। इस छापामारी में पुलिस ने खोजी कुत्तों की भी मदद ली गई। गैंगस्टर काला राणा, सचिन पंडित, भूपी राणा और विदेश से गैंग चला रहे गांव बाल छप्पर निवासी बाबू से संबंधों के चलते उक्त लोगों पर कार्रवाई की गई है।
ऑपरेशन प्रहार के दौरान पुलिस ने आर्य नगर में अमनदीप उर्फ गोलू के घर से 15.39 लाख रुपये, चिट्टा मंदिर रोड पर मनोज के घर से 1.90 लाख रुपये, अंबाला के दोसड़का में विक्की राणा के पास से 1.85 लाख रुपये, चोपड़ा गार्डन में सचिन शर्मा उर्फ मिथुन के यहां से 11 लाख 90 हजार रुपये व तिलक नगर के गुरप्रीत उर्फ चीमा के यहां से 9.76 लाख रुपये बरामद किए।
एसपी मोहित हांडा ने बताया कि इन सब में गुरप्रीत पुलिस के निशाने पर सबसे ज्यादा था क्योंकि उसने पहले मर्डर कर रखा है। फिलहाल वह जमानत पर बाहर है। गुरप्रीत का कनेक्शन भूपी राणा गैंग से भी है। इसके पास से एक देसी कट्टा, एक देसी पिस्टल, तीन कारतूस, इलेक्ट्रॉनिक कांटे, प्लॉट के दस्तावेज मिले हैं। इस पर शक है कि वह हथियारों की सप्लाई करता है।
अवैध हथियार मिलने के कारण पुलिस ने उसे हिरासत में लिया है। उस पर एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा। बताया यह भी जा रहा है कि गुरप्रीत ने घर के गेट पर पिटबुल कुत्ता बांधा हुआ था ताकि बाहर से कोई भी इतनी आसानी से घर में प्रवेश न कर पाए।
वहीं, सुढल में सचिन पंडित के यहां से मैग्जीन बरामद हुई। सचिन पंडित जानू हत्याकांड में शामिल रहा है। वह काफी समय से फरार है। सचिन उर्फ मिथुन के यहां से मोबाइल, लैपटॉप, डायरी, रजिस्टर भी मिले। जबकि गांव गुंदियाना में रोहित लुटन के घर से पुलिस ने नौ कारतूस व छह चले हुए कारतूस बरामद हुए।
300 पुलिसकर्मी रहे ऑपरेशन में शामिल
इस पूरे ऑपरेशन में 300 पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया। डीएसपी रजत गुलिया व डीएसपी राजीव के अलावा के अलावा अन्य उच्चाधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस की रेड रविवार तड़के तीन बजे शुरू हो गई थी। इसमें शामिल पुलिसकर्मियों को रात एक बजे पुलिस लाइन में एकत्रित किया गया। जहां पर एसपी मोहित हांडा ने उन्हें बताया कि रेड में किन-किन बातों का ध्यान रखना है। 15 में से 13 रेड यमुनानगर की विभिन्न कॉलोनियों व दो रेड जिला अंबाला के दोसड़का व अन्य जगह की गई। अंबाला में रहने वाले लोगों का संबंध जिले के आपराधिक तत्वों से था।
डीएसपी की भी ली गई तलाशी
यह जिला पुलिस की पहली ऐसी रेड है जो 12 घंटे से भी ज्यादा देर तक चली। जिनके घरों में रेड की गई पुलिस ने उनके घरों के आगे चेतावनी टेप लगा दी थी ताकि बाहर से कोई भी अंदर न जा सके। डीएसपी रजत गुलिया व डीएसपी राजीव को अन्य जगह भी जाकर जायजा लेना था। इसलिए डीएसपी जब भी घर में गए तो उनकी भी तलाशी ली गई। ऐसा इसलिए ताकि परिवार को यह न लगे कि पुलिस बाहर से कुछ लेकर आई है। यहां तक की पुलिस ने घरों के बाहर खड़ी उनकी कारों की भी तलाशी ली।
अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ना है: मोहित हांडा
एसपी मोहित हांडा ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार का मकसद अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ना है। जिनके यहां छापामारी की है उन पर शक है कि वह आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले आरोपियों के लिए फंडिंग, हथियारों की सप्लाई या उनके कहने पर काम करते हैं। इस दौरान 39 लाख से अधिक कैश, अवैध हथियार भी बरामद किए गए हैं। कुछ जगहों से प्रॉपर्टी से संबंधित दस्तावेजों को सीज किया गया है। जांच की जाएगी कि यह प्रॉपर्टी कैसे खरीदी गई है। वहीं जो कैश मिला है उसके संबंध में इनकम टैक्स के अधिकारियों को सूचित कर दिया है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।