दो दिन पहले हुई कांसापुर निवासी वीरेंद्र उर्फ बिट्टू की हत्या मामले को जिला पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है।
पुलिस ने हत्याकांड में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि वारदात में शामिल चार अन्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
पुलिस पूछताछ में पकड़े एक आरोपी ने कबूल किया कि वीरेंद्र उसकी चचेरी बहन पर गलत नजर रखता था, इसलिए उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसे पीट-पीटकर मार डाला।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि वीरेंद्र हत्याकांड में जांच का जिम्मा सीआईए स्टाफ के इंचार्ज निरीक्षक राकेश कुमार को सौंपा गया। राकेश कुमार ने उप निरीक्षक मोहन लाल के नेतृत्व में टीम का गठन किया।
टीम ने आरोपी सुमित उर्फ पांडे, प्रदीप कुमार निवासी कांसेपुर, मुरली पाल, सतीश कुमार निवासी मुखर्जी पार्क जगाधरी को 36 घंटे में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सुमित ने जांच टीम को बताया कि मृतक वीरेंद्र चचेरी बहन को गलत नजरों से देखता था।
जिस कारण मैंने व प्रदीप, मुरली, सतीश, लखनपाल व भरत उर्फ भालू के साथ वीरेंद्र की हत्या योजना बनाई। साथ ही अपने अन्य दोस्त रमन निवासी मुखर्जी पार्क जगाधरी व मिथलेश निवासी अमर कालोनी के साथ मिलकर वीरेंद्र की हत्या कर दी। 27 सितंबर की रात को वीरेंद्र जागरण में आया था। बहाना बनाकर उसे खेत में ले गए और ईंटों, डंडो व लोहे की राड से उसकी हत्या कर दी।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी सुमित, प्रदीप, मुरली व सतीश को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ जारी है। वारदात में शामिल अन्य आरोपी लखन, भरत शर्मा उर्फ भालू, मिथलेश व रमन को जल्द ही काबू कर लिया जाएगा।