हरियाणा के यमुनानगर में नौकरी लगवाने के नाम पर पांच लोगों ने महिला समेत आठ लोगों से 61.75 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने लोगों को रेलवे, आयकर विभाग तो किसी को बैंक में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी की। आरोपियों ने रुपये लेकर उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए। जब वे नौकरी के लिए दिल्ली गए तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। बिलासपुर पुलिस ने मामले में कनीपला निवासी सुनील दत्त, दिल्ली के मयूर विहार निवासी अजय साहनी, राहुल, शेखर व संतोष कुमार पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
टेहा ब्राह्मण निवासी सोहन लाल ने बिलासपुर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी पत्नी अंजू बीए पास है। फरवरी 2022 में वह अपने जानकार कनीपला निवासी सुनील दत्त से मिला। उसने उससे अपनी पत्नी को नौकरी लगवाने की बात की। आरोपी ने उसे कहा कि वह आयकर विभाग, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, वन विभाग, रेलवे, पंजाब नेशनल बैंक में नौकरी लगवा सकता है।
यदि कोई और भी नौकरी लगने का इच्छुक है तो वह उसे भी मिलवा देना। उसकी बातों में आकर उसने पत्नी अंजू की नौकरी लगवाने के बारे में बात की। इसके लिए आरोपी ने 16 लाख रुपये की मांग की। बाद में दस लाख रुपये में नौकरी लगवाने पर बात पक्की हो गई। उसे अलग-अलग कर दस लाख रुपये आरोपी को दे दिए। जिसके बाद आरोपी ने उसे आयकर विभाग की नौकरी का नियुक्ति पत्र दिया।
यह पत्र लेकर वह अपनी पत्नी को आयकर विभाग दिल्ली लेकर गया। जब वहां पर नियुक्ति पत्र दिखाया तो उन्होंने कहा कि इस पर नौकरी नहीं मिल सकती। यह नियुक्ति पत्र फर्जी है। इसके बाद वह अपनी पत्नी को लेकर वापस आ गया। वापस आकर उन्होंने आरोपी से बातचीत की तो वह टाल मटोल करने लगा। जब उसने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने उसे धमकी दी।
इन लोगों से की ठगी
सोहन लाल ने बताया कि आरोपी सुनील दत्त के झांसे में आकर उसने अपने कई जानकारों को भी नौकरी लगवाने के लिए राजी कर लिया था। इस दौरान आरोपी ने साढौरा निवासी कमल कुमार को आयकर विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर दस लाख रुपये, बांसेवाला निवासी पृथ्वी सैनी से रेलवे में टीसी लगवाने के नाम पर तीन लाख 75 हजार रुपये, बिलासपुर निवासी विनय कुमार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी लगवाने के नाम पर 16 लाख रुपये, दामला निवासी दीपक कुमार से दस लाख रुपये रेलवे में नौकरी के नाम पर लिए गए।
इसके अलावा रेलवे में टीसी लगवाने के नाम पर सोनीपत निवासी नवीन कुमार, सोनू वर्मा व प्रकाश से 25 लाख रुपये लिए गए। इन सभी को नियुक्ति पत्र भी दिए गए थे। जब यह ज्वाइन करने पहुंचे तो पता लगा कि नियुक्ति पत्र फर्जी हैं। आरोपियों ने जो पैसा लिया था वह भी दिल्ली निवासी अजय साहनी, नवीन कुमार, संतोष कुमार के खातों के ट्रांसफर कराया गया। कुछ नकद रकम दी गई थी। बिलासपुर पुलिस ने मामले में कनीपला निवासी सुनील दत्त, दिल्ली के मयूर विहार निवासी अजय साहनी, राहुल, शेखर व संतोष कुमार पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।