जैन कालोनी कैंप से पुलिस और जिला बाल सरंक्षण विभाग की टीम ने पश्चिमी बंगाल की दो नाबालिग बहनों को मुक्त करवाया है। दोनों बहन अलग-अलग घरों में रह रही थी, जिन्हें मुक्त करवा बाल-कुंज छछरौली भेज दिया गया है। थाना फर्कपुर पुलिस व जिला बाल सरंक्षण विभाग की टीम ने जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को वार्ड नंबर 17 की पार्षद सुशल जावला के पति अमन कुमार ने शिकायत दी थी कि जैन कालोनी मेें एक महिला के पास बच्ची है। महिला उस बच्ची से मारपीट करती है और घरेलू काम भी करवाती है। पुलिस ने इसकी जानकारी जिला बाल सरंक्षण विभाग को दी। जांच में सामने आया कि सात साल की छोटी बहन जैन कालोनी में एक महिला के पास रह रही है, जबकि नौ साल की बड़ी बहन एक अन्य व्यक्ति के पास है। पुलिस ने दोनों बहनों को मुक्त करवा कर बालकुंज भेज दिया।
पड़ोसियों ने दी पार्षद को जानकारी
वार्ड नंबर 17 की जैन कालोनी में पश्चिमी बंगाल निवासी सपना किराए के मकान में रहती है। उसके पास आठ साल की बच्ची रह रही है। पड़ोसियों ने बताया कि सपना उस बच्ची को अपनी बेटी बताती थी, लेकिन उसे बुरी तरह से पीटती है और उसे स्कूल भी नहीं भेजती। ऐसे में पड़ोसियों ने निगम पार्षद के पति अमन कुमार को रविवार इसकी जानकारी दी। अमन ने बताया कि वह इस बारे मेें बात करने के लिए सपना के घर पहुंच गए। उन्हें देख महिला इधर-उधर, खिसक गई। संदेह हुआ और इसकी शिकायत थाना फर्कपुर पुलिस को दी। पुलिस ने घर आकर महिला से बच्ची को मुक्त करवाया। दोपहर बाद महिला भी चौकी में पहुंच गई। महिला ने बताया कि यह बच्ची उसकी मौसी ने उसे दिया है। वह दो बच्चियां नहीं रख पा रही थी, इसलिए उसने दूसरी बच्ची एक अन्य व्यक्ति को दे दी। महिला ने दूसरी बच्ची को भी पुलिस चौकी में ही बुलवा लिया और जिला बाल संरक्षण अधिकारी को इसकी सूचना दी।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी डा. रिचा बुद्धिराजा का कहना है कि पुलिस भी मामले की जांच कर रही है और अपने स्तर पर सोशल इंक्वायरी भी करवा रहे हैं। दोनों बच्चियों को बालकुंज भेज दिया गया है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मां की तलाश कर रहे हैं: सिंह
जांच कर रहे हैं: सिंह
गांधी नगर चौकी इंचार्ज पृथ्वी सिंह का कहना है कि दोनों बच्चियों को बालकुंज भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है। पता चला है कि लड़की की मां भी है, जिसकी तलाश शुरू कर दी है। बच्चियों की मां के मिलने के बाद ही पूरे मामला साफ होगा।
बच्चियों की खरीद-फरोख्त से जुड़े हो सकते हैं तार
-महिला ने गैर कानूनी तरीके से बच्ची को रखा था अपने पास
-पहले भी सामने आ चुके हैं कई मामले
जगाधरी वर्कशाप। जैन कालोनी में मिली दो बहनों के तार बच्चों की खरीद-फरोख्त से भी जुड़े हो सकते हैं। ट्विन सिटी में पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें नाबालिग बच्चों को घरेलू काम करवाने के लिए यहां खरीद कर लाया गया है।
बच्चियों को अपने पास रखने में कानून की अनदेखी की गई है। दोनों बच्चियां नाबालिग हैं, ऐसे में महिला ने एक बच्ची को अपने पास गैर कानूनी तरीके से रखा हुआ था, जबकि उसकी दूसरी बहन किसी अन्य व्यक्ति को सौंप दिया। नियम के मुताबिक बच्चे को गोद लेने के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होता है। इसी तरह पड़ोसियों के मुताबिक महिला इस बच्ची की सही से देख रेख भी नहीं कर रही थी। उसे स्कूल भी नहीं भेजा जाता था। पड़ोसियों के मुताबिक महिला उस बच्ची से घरेलू काम भी करवाती थी।
महिला भी बदल रही बयान
जिस महिला के पास से बच्ची मिली है, वह भी बार-बार बयान बदल रही है। जिसे भी पूरे मामले संदेह के घेरे में आ रहा है। पहले महिला ने बताया कि यह बच्ची उसकी बेटी है जबकि बाद में बताया कि बच्ची को उसकी मौसी ने ही उसे दिया है। उसकी मौसी उसे पाल नहीं पा रही थी, इसलिए उसे दे दिया। महिला ने बयान दिया था कि बच्ची के माता-पिता की मौत हो चुकी है। वह बच्ची का पालन-पोषण कर रही है, जबकि बाद में बयान दिया कि बच्चियों की मां जिंदा है और यमुनानर में ही है। उसकी मां ने दूसरी शादी कर ली है, इसलिए बच्चियां उसे दे दी है।
दोनों बहनें नहीं दे पा रही सही जानकारी
दोनों बहनें कहां से आई हैं और कैसे यमुनानगर तक आई। उनके मां-बाप कौन है और कहां है, इसकी सही जानकारी दोनों बहनें भी नहीं दे पा रही है। जिससे भी मामला उलझ रहा है। बड़ी बहन ने बताया कि उन्हें उसकी मासी ने सपना मासी को दिया है। लेकिन वह एक साल से सपना मासी के पास हैं। जबकि सपना का कहना है कि बच्चियां करीब सात-आठ साल से उसके पास हैं।