खैर तस्करी को रोकने के लिए बनाई गई टीम एसआईटी ने सोमवार को खैर तस्कर गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से कोर्ट से दोनों को चार दिन के रिमांड पर भेजा गया। रिमांड के दौरान आरोपियों से रिकवरी व गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों का पर्दाफाश किया जाएगा। वहीं बड़ी वारदातों का खुलासा होने की भी संभावना है। बतां दे कि जनवरी 2017 में खैर तस्करी की वारदातों को सुलझाने के लिए एसपी राजेश कालिया ने सीआईए-टू के इंचार्ज नरेश कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था। टीम ने कुछ दिन पहले ही खैर तस्करी मामले में डिप्टी रेंजर, वन दारोगा व रेंज आफिसर समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है।
एसपी राजेश कालिया ने बताया एसआईटी इंचार्ज नरेश कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि छछरौली क्षेत्र के गांव कोट मुकारमपुर निवासी इरशाद व गांव ललहाड़ी कलां निवासी निसार अली खैर तस्करों के मुख्य सरगना में से एक हैं। जो लंबे समय से खैर तस्करी में जुड़े हुए थे। दोनों अब तक लाखों रुपये की लकड़ी जंगल से काट कर मार्केट में बेच चुके हैं। सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी छछरौली क्षेत्र में खैर की लकड़ी का काटने की फिराक में है। सूचना के आधार पर एसआईटी इंचार्ज नरेश कुमार ने दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें बिलासपुर कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने उन्हें चार दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड में दोनों आरोपियों से खैर तस्करी की बड़ी वारदातों का खुलासा हो सकता है। इसके अलावा बेची गई खैर की लकड़ी और तस्करी में जुड़े अन्य आरोपियों का भी पता लगाया जाएगा।