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मार से बचने के लिए सड़क पर चीखतीं रहीं छात्राएं, तमाशबीन बनी पुलिस

Fri, 24 Mar 2017 12:21 AM IST
yamuna nagar beuro
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c - फोटो : yamuna nagar
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एक तरफ सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को घर-घर तक पहुंचाने में जुटी है। दूसरी तरफ स्कूल में परीक्षा देने जाने वाली हमारी बेटियां ही सुरक्षित नहीं हैं। माडल कालोनी स्थित एक सरकारी स्कूल में दसवीं कक्षा की परीक्षा देने वाली छात्रा व उसकी सहेलियों को बुरी तरह मारा पीटा गया और उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए। छात्रा का कसूर सिर्फ इतना था उसने स्कूल में परीक्षा देने आए एक लड़के के साथ फ्रेंडशिप करने के लिए हामी नहीं भरी थी। घटना को लेकर पुलिस ने जो कार्रवाई की, वह पूरे पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाली है।
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कैंप क्षेत्र के एक निजी स्कूल में पढ़ने वाली एक छात्रा का माडल कॉलोनी स्थित एक सरकारी स्कूल में परीक्षा का सेंटर पड़ा था। छात्रा ने बताया जब से वह परीक्षा देने आ रही है, तब से उसी स्कूल में परीक्षा देने आ रहा एक अन्य स्कूल का छात्र उसे तंग कर रहा था। छात्र उसके साथ फ्रेंडशिप करना चाहता था, लेकिन छात्रा ने इससे इंकार कर दिया। छात्र उसे स्कूल आते-जाते तंग करता रहा। छात्रा ने अपने स्कूल के प्रिंसिपल को सारी बात बताई। 22 मार्च को आखिरी पेपर के दिन छात्रा के स्कूल के प्रिंसिपल एग्जाम सेंटर में आए और उन्होंने सेंटर सुप्रिंटेंडेंट को सारी बात बताई। इसके बाद सेंटर सुपरिटेंडेंट ने छात्रा को तंग करने वाले छात्र को डांटा और उससे माफी मंगवाई। पेपर समाप्त होने के बाद छात्र ने अपने दोस्तों को फोन कर सेंटर के बाहर बुला लिया। युवक हाथों में तलवार व सरिया लेकर वहां पहुंचे। जैसे ही छात्रा सेंटर से बाहर निकली तो लड़कों ने उसे सरियों व लात-मुक्कों से मारना शुरू कर दिया। इस दौरान छात्रा को बचाने आई उसकी दो-तीन सहेलियों को भी लड़कों ने बुरी तरह पीटा और एक छात्रा का तलवार की नोंक से कपड़े फाड़ दिए। छात्रा के स्कूल का ही एक छात्र उन्हें बचाने आया तो लड़कों ने उसे भी बुरी तरह पीट कर घायल कर दिया। लड़के करीब 10 मिनट तक लड़कियों को पीटते रहे और लड़कियां बचने के लिए चीखती चिल्लाती रहीं। कोई बचाने नहीं आया तो वे चुपचाप मार खाती रहीं। इसके बाद हमलावर वहां से भाग गए।

पुलिस का रवैया देखकर पीड़िता का हौंसला टूटा
पीड़ित छात्रा ने बताया जिस समय लड़के उसे व उसकी सहेलियों को पीट रहे थे। उस समय स्कूल से कुछ दूरी पर ही दो पुलिस कर्मचारी खड़े थे। लड़कियों ने बचने के लिए उनसे गुहार लगाई, लेकिन वे मौके पर नहीं आए। मारपीट करने के बाद लड़के वहां से चले गए तो इसके बाद पुलिस वाले वहां पहुंचे। इस दौरान एक हमलावर लड़का अपनी बाइक पर वापस आकर स्कूल के सामने से गुजरा। लड़कियों ने पुलिस वालों से उसे पकड़ने को कहा तो भी पुलिस कर्मचारियों ने उसे नहीं पकड़ा। इस घटना के बाद मारपीट का शिकार हुई अन्य लड़कियों के अभिभावकों ने थाने में शिकायत देने की हिम्मत नहीं दिखाई। लेकिन पीड़ित छात्रा ने दिलेरी दिखाई और अपने स्कूल के प्रिंसिपल के साथ रामपुरा पुलिस चौकी शिकायत देने पहुंची तो वहां मौजूद एक पुलिस कर्मचारी ने छात्रा से कहा मारपीट करने वाले लड़के तुम्हारे ब्वाय फ्रेंड तो नहीं थे। पहले मारपीट और फिर पुलिस थाने में बेईज्जत हुई छात्रा इससे काफी आहत हुई। लड़कों की पिटाई से उसे काफी चोटें आई हैं। वह दो दिन से घर पर बेड पर ही लेटी हुई है। छात्र के स्कूल के प्रिंसिपल ने छात्रा को फ्रेंडशिप के लिए दबाव बनाने वाले छात्र की फोटो एक हमलावर लड़के की मोटरसाइकिल का नंबर भी दिया, इसके बावजूद पुलिस इस मामले में ढिलाई बरत रही है। छात्रा ने कहा कि वह चाहती है कि उसके व उसके साथ मारपीट करने वाले लड़कों को सजा मिलें, लेकिन पुलिस का रवैया देखकर छात्रा को कतई उम्मीद नहीं है कि उन लड़कों को सजा मिल पाएगी।
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इस मामले की तस्दीक की जा रही है। यह नहीं पता चल पा रहा है हमला करने वाले लड़के कौन थे। जिस मोटरसाइकिल का नंबर दिया था, उसके मालिक को बुलाया गया था, लेकिन लड़की ने इंकार कर दिया कि उसने मारपीट नहीं की।
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रवि, आईओ, रामपुरा पुलिस चौकी
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