रादौर में छह अप्रैल को ज्वेलर से गन प्वाइंट पर लूटपाट करते लोगों द्वारा पकड़ा गया आरोपी अमित पांच जिलों का वांटेड निकाला। इस बात का खुलासा सीआईए-1 द्वारा आरोपी से की गई पूछताछ में हुआ। आरोपी अमित ने करनाल, अंबाला, सोनीपत, पानीपत व यमुनानगर में तीन साथियों के साथ मिलकर लूटपाट की कई वारदातें अंजाम देना कबूल किया। अमित के दो साथी करनाल जेल में बंद हैं, जिन्हें सीआईए पूछताछ के लिए प्रोटेक्शन वारंट पर लेकर आएगी। जबकि रादौर में ज्वेलर से लूटपाट के वक्त फरार साढौरा निवासी सम्राट उर्फ सागर उर्फ माटी अभी पुलिस पकड़ से बाहर है।
रादौर में छह अप्रैल को कॉलेज रोड स्थित अमित ज्वेलर्स की दुकान पर दिन दहाड़े करनाल के गांव पांडा निवासी अमित व साढौरा के सम्राट उर्फ सागर उर्फ माटी ने देसी कट्टे के बल पर लूट का प्रयास किया था। पास ही में दुकान करने वाले ज्वेलर के भाई की तत्परता व शोर मचाने से लोगों ने अमित को वहीं धर-दबोचा, जबकि सम्राट उर्फ सागर उर्फ माटी मौके से फरार हो गया। लोगों ने अमित की पिटाई कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। एसपी राजेश कालिया ने इस मामले की जांच सीआईए-1 को सौंपी। सीआईए-1 ने आरोपी अमित को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया। पूछताछ में अमित ने कबूल किया उसने यमुनानगर समेत करनाल, अंबाला, सोनीपत, पानीपत में लूटपाट की आधा दर्जन वारदातें अंजाम दी है। इनमें करनाल में साल्वन के पास से एक कार, सोनीपत के घरोंडा से नकदी छिनने की दो, पानीपत से एक कार, अंबाला से एक कार व कालाअंब-नारायणगढ़ रोड से मनी एक्सचेंजर से लूट शामिल हैं। इन वारदातों में उसके तीन साथी शामिल रहे, जिनमें करनाल के नीलोखेड़ी में हैफेड कॉलोनी निवासी प्रदीप व बुटाना निवासी आदर्श इस वक्त करनाल के जेल में बंद हैं। जबकि तीसरा साथी साढौरा के सम्राट उर्फ सागर उर्फ माटी है, जो अभी पुलिस पकड़ से बाहर है।
शौक पूरे नहीं हुए तो छोड़ी नौकरी
सीआईए-1 की पूछताछ में अमित ने बताया वह पानीपत के एक मॉल में नौकरी करता था। लेकिन मिल रहे वेतन से उसके अच्छे कपड़े पहनने, महंगे मोबाइल का इस्तेमाल करने जैसे शौक पूरे नहीं हो पा रहे थे। इसी के चलते उसने मॉल से नौकरी छोड़ दी। वर्ष-2013 में पहली बार सड़क पर रखे एक जनरेटर की बैटरी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। जिसे उसने बाजार में 2500 रुपये में बेच दिया।
पहले परिवार ने किया बेदखल फिर ग्रामीणों ने निकाला
अमित ने बताया एक-दो चोरी की वारदात को अंजाम देने पर इस बारे उसके परिवार को भी पता चल गया, इसलिए उन्होंने उसे बेदखल कर दिया। इसके बाद वह गांव की ही धर्मशाला में रहने लगा, लेकिन उसके पिता गौतम रिशी ने ग्रामीणों से कहा कि अमित चोरी करता है और अगर वह गांव या कहीं और चोरी करे तो वह इसके जिम्मेदार नहीं होंगे। इसके बाद ग्रामीणों ने भी चोरी के डर से उसे गांव से निकाल दिया। इसके बाद अमित ने पानीपत में ही एक मोबाइल टावर से दर्जन भर बैटरियां चोरी कर ली और उसे बाजार में बेच खर्चा चलाया।
जेल में हुई दो साथियों से मुलाकात, फिर की बड़ी लूटपाट
चोरी के एक मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने पर अमित को करनाल जेल भेजा गया, जहां उसकी मुलाकात करनाल के नीलोखेड़ी में हैफेड कॉलोनी निवासी प्रदीप व बुटाना निवासी आदर्श से हुई। दोनों ने उसे कहा वह कब तक छोटी-मोटी चोरी करता रहेगा। उनके ग्रुप में शामिल हो बड़ी लूटपाट करने की बात कही। यहां तीनों का ग्रुप बन गया और तीनों ने जेल से बाहर आते ही लूटपाट की वारदातों को अंजाम देना शुरू किया।
पहले छिनते थे कार, फिर करते थे लूटपाट
अमित ने बताया वह तीनों साथी पहले देसी कट्टे के बल पर कार लूटते थे और फिर इन्हीं कारों में सवार होकर लूटपाट की वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते थे। अमित ने कहा कि वारदात के बाद कार में बैठकर फरार होने में आसानी रहती थी। यदि पुलिस नाकाबंदी भी करती है तो कार में बैठकर आसानी से निकला जा सकता है, चूंकि पुलिस कार की तलाशी कम ही लेती है। पुलिस की ज्यादातर नजर बाइक सवारों पर ही रहती है।
तीनों में अनबन पर ग्रुप से अलग हो गया था अमित
अमित ने बताया कि प्रदीप व आदर्श के साथ मिलकर अंबाला, करनाल, सोनीपत व पानीपत में कई लूटपाट की वारदात की। इसके कुछ समय बाद उन तीनों में अनबन हो गई और वह ग्रुप से अलग हो गया। दोनों को यह दिखाने के लिए वह अकेला भी काम कर सकता है इसलिए वह साढौरा के सम्राट उर्फ सागर उर्फ माटी के साथ लूटपाट की वारदात करने लगा। उन्होंने पहले करनाल के साल्वन के पास से कार छीनी और फिर उस पर नकली नंबर प्लेट लगाकर रादौर में ज्वेलर को लूटने का प्रयास किया।
ज्वेलर्स से लूटपाट कर पानीपत में बेचते थे गहने
अमित ने बताया कि ज्वेलर से लूटपाट के बाद गहनों को वह पानीपत में किला चौक निवासी सुनार आंचल को बेचते थे। उसने बताया प्रदीप व आदर्श के साथ मिलकर बीती 21 फरवरी को अंबाला-शाहबाद जीटी रोड से ऑल्टो कार छीनी और इसमें सवार होकर फिर गांव मंधार में श्रीराम ज्वेलर्स की दुकान पर पिस्टल की नोक पर दो किलो 500 ग्राम चांदी लूट ली। मामले में पुलिस ने आरोपी व चांदी के जेवरात खरीदने वाले आंचल को गिरफ्तार किया, जो लूटे गए गहनों को सस्ते रेट पर खरीदता था और फिर इसके गहने बनाकर बेच देता था। सीआईए ने आंचल को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया और 760 ग्राम चांदी बरामद कर उसे जेल भेज दिया।
छीनी थी सोने की अंगूठी व नकदी
अमित ने बताया कि 21 अक्तूबर 2016 को उसने आदर्श व प्रदीप के साथ मिलकर बाइक सवार गांव लाटो निवासी अमित (अंबाला) से गनप्वाइंट पर साने की अंगूठी व नकदी छीन ली थी। इसी तरह घरोंडा के पास से नकदी छीनने की दो, पानीपत में कार छीनने की एक, अंबाला से कार छीनने की एक व कालाआंब-नारायणगढ़ रोड से मनी एक्सचेंजर वाले को लूटने की वारदात को अंजाम दिया। अमित का बड़ा भाई नीरज भी लूट की वारदातों में शामिल है। नीरज ने 18 मार्च 2016 को जड़ौदा गेट पर एक व्यापारी के घर में देसी कट्टे के बल पर एलसीडीए ज्वेलरी व कार लूटी थी।
एक कार, देसी कट्टा व डेढ़ किलो चांदी बरामद: इंचार्ज
अमित की निशानदेही पर एक कार, डेढ़ किलो चांदी व देसी कट्टा बरामद कर लिया है। उसका साथी सम्राट अभी फरार है। प्रदीप व आदर्श करनाल जेल में बंद हैं, उन्हें प्रोटेक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी। उम्मीद है अभी कई ओर वारदातों का खुलासा हो सकेगा।
संदीप कुमार, इंचार्ज, सीआईए-1।