डेथ प्वाइंट नेशनल हाईवे-73 पर जगाधरी बस स्टैंड के सामने एक बार फिर एक व्यक्ति की सड़क हादसे में जान चली गई। हादसे में उसकी पत्नी घायल हो गई। दंपति दशहरे का कार्यक्रम देख कर रिक्शे से देर शाम घर लौट रहा था। जगाधरी बस स्टैंड के सामने पहुंचते ही तेज गति से आ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक ने उन्हें टक्कर मार दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कार्रवाई के बाद परिजनों के हवाले कर दिया।
मामले में पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
जगाधरी की भगीरथ कॉलोनी निवासी राम दयाल (40) शहर में रिक्शा चलाता था। मंगलवार शाम को वह अपनी पत्नी विजय लक्ष्मी के साथ दशहरा देखने के लिए जगाधरी के दशाहरा ग्राउंड गया था। वहां से दोनों देर शाम दोनों रिक्शा से घर लौट रहे थे। नेशनल हाईवे-73 पर जगाधरी बस स्टैंड के सामने बने कट के पास पीछे से आ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक ने उनके रिक्शे को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से रिक्शा सवार में पीछे बैठी विजय लक्ष्मी सड़क किनारे गिर गई, जबकि रामदयाल ट्रैक्टर की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई, वहीं ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। लोगों ने घायल दंपति को जगाधरी के सिविल अस्पताल पहुंचाया।
चिकित्सकों ने रामदयाल को मृत घोषित किया, जबकि विजय लक्ष्मी का उपचार शुरू कर दिया। हादसे की सूचना पर थाना शहर जगाधरी पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने विजय लक्ष्मी के बयानों पर ट्रैक्टर ट्रॉली चालक के खिलाफ केस दर्जकर लिया है। बुधवार को पुलिस का शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।
केस दर्ज, चालक की तलाश शुरू :
जगाधरी बस स्टैंड के सामने हुए सड़क हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। चालक की तलाश की जा रही है।
सुनील कुमार, थाना शहर जगाधरी एसएचओ
डिवाइडर पर बने कट बन चुके हैं डेथ प्वाइंट
यमुनानगर। जगाधरी बस अड्डा चौक पर बना कट डेथ प्वाइंट के नाम से बदनाम हो चुका है। जगाधरी बस अड्डा चौक पर नेशनल हाईवे 73 और 73 ए आपस में मिलते हैं। इस प्वाइंट से प्रतिदिन 10 हजार से अधिक भारी वाहन गुजरते हैं। यहां होने वाली दुर्घटनाओं की मुख्य वजह बस अड्डा चौक के नजदीक जगाधरी बस अड्डे की ओर जाने वाला मोड़ है। यह मोड़ चौक से करीब 50 मीटर दूर है। बस अड्डे की ओर से जगाधरी शहर आने के लिए लोग बस अड्डे के सामने नेशनल हाईवे के डिवाइडर में बने कट का इस्तेमाल करते हैं। चौक पर ग्रीन लाइट होते ही वाहन तेजी से निकलते है। इस दौरान कट से वाहन गुजरने पर हादसे हो जाते हैं। यदि इस कट को बंद कर दिया जाए तो यहां होने वाले हादसों पर अंकुश लग सकता है। डिस्ट्रिक रोड सेफ्टी कमेटी की बैठकों में कई बार इस कट का मुद्दा उठाया जा चुका है। कमेटी के कोऑर्डिनेटर सुशील आर्य ने बताया कि इस कट के कारण ही चौक और उसके आसपास जानलेवा दुर्घटनाएं होती हैं। डिस्ट्रिक्ट रोड सेफ्टी कमेटी की बैठकों में इसे बंद करने की मांग उठाई जा चुकी है। इस पर सहमति भी बन चुकी है। लेकिन, बाद में यह मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
जगाधरी सिटी थाने के एसएचओ की जा चुकी है जान
पिछले छह सालों के दौरान जगाधरी बस अड्डा चौक के आसपास 30 से अधिक व्यक्तियों की जान जा चुकी है। करीब चार साल पहले जगाधरी सिटी थाने के तत्कालीन एसएचओ की इस कट के नजदीक सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है। चौक के आसपास घायल होने वालों की भी लंबी लिस्ट है।
पांच दिन में सात मौत, 70 घायल
पिछले पांच दिनों में सड़क हादसों में सात लोग जान गवां चुके है, जबकि तीन दर्जन से घायल हो चुके हैं। आठ अक्तूबर को बीकेड़ी रोड पर गांव शहजादपुर के नजदीक कार की टक्कर से मेहरमाजरा निवासी प्रवीण की मौत हो गई थी। इस हादसे में उसका चचेरे भाई घायल हो गया था। नौ अक्तूबर की रात को गांव गुमथला के नजदीक ट्रैक्टर-ट्रॉली और कैंटर की टक्कर में 50 लोग घायल हो गए थे। नौ अक्तूबर को ही एनएच-73 पर बाईपास पुल के नजदीक अज्ञात वाहन की टक्कर से विजय कॉलोनी निवासी वीरू की जान चली गई थी। उसी रात खिजराबाद के नजदीक एनएच-73ए पर अज्ञात वाहन की टक्कर से जुब्बल निवासी श्रवण की मौत हो गई। उसी दिन बिलासपुर के नजदीक अज्ञात वाहन की टक्कर से गुलशन कॉलोनी निवासी दिव्यांग राजकुमार की मौत हो गई। 10 अक्तूबर को शादीपुर के नजदीक ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से बाइक सवार मिसरी का माजरा निवासी मोहित और तेजपाल की मौत चुकी है।