यमुनानगर। पति के छोड़े जाने के बाद दो भाईयों और उनके पिता पर अपनी खरीद-फरोख्त का आरोप लगाने वाली महिला का मामला हरियाणा राज्य महिला आयोग तक पहुंचा, तो मामले की जांच करने के लिए हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन कमलेश पांचाल शुक्रवार को जिला सचिवालय पहुंचीं। उन्होंने पीड़िता से बातचीत कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। महिला आयोग चेयरपर्सन ने डीएसपी उषा कुंड, महिला थाना प्रभारी और अन्य पुलिस अधिकारियों को इस मामले में हर पहलू से जांच करने के आदेश दिए। वहीं लापरवाही करने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी।
हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन कमलेश पांचाल ने पीड़ित महिला से बात कर मामले की सच्चाई जानी। पांचाल ने मौके पर मौजूद डीएसपी उषा कुंडू, महिला थाना प्रभारी कुलबीर कौर, बुडिय़ा थाना प्रभारी देेवेंद्र कुमार को सख्त निर्देश दिए कि मामले की तह तक जाकर हर पहलू की जांच की जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस मामले में किसी भी अधिकारी ने कोई लापरवाही बरती तो उसके खिलाफ मैं कार्रवाई करूंगी। चेयरपर्सन पांचाल ने कहा कि आयोग के पास महिलाओं के साथ हो रहे अपराध के बहुत से मामले सामने आते हैं। उसमें वुमन ट्रैफिकिंग, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न और रेप जैसे कई केस सामने आए हैं, कुछ मामले मीडिया के माध्यम से सामने आते हैं उस पर तुरंत कार्रवाई की जाती है।
वस्तु नहीं है महिला
पांचाल ने कहा कि महिलाओं के प्रति अपराध को रोकने के लिए पुरुषों को भी मानसिकता बदलनी होगी, क्योंकि कई मामले ऐसे आते है की महिला को पति द्वारा छह महीने रखकर फिर छोड़ दिया जाता है। ऐसे में महिला लाचार हो जाती है। महिला कोई इस्तेमाल करने की वस्तु नहीं है इसलिए आयोग दिन रात महिलाओं के हित के लिए काम कर रहा है।
यह मामला आया था सामने
हरियाणा, हिमाचल और उत्तरप्रदेश के सीमावर्ती जिलों में चल रहा वुमन ट्रैफिकिंग का एक मामला सामने आया था, जिसमें छछरौली के एक गांव में शादी के नाम पर बिन मां-बाप की एक महिला की खरीद-फरोख्त की गई थी। छछरौली के एक गांव का एक परिवार मुजफ्फरनगर से महिला को खरीदकर यहां लेकर आया था। आरोप है कि इसके बाद परिवार में मौजूद दो भाई और उनके पिता उसके साथ शोषण करते थे। इस मामले को पड़ोस की एक युवती ने मीडिया के सामने रखा था। मामला मीडिया में आने के बाद पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया। बाद में पीड़िता भी खुलकर सामने आई और आपबीती सुनाई।
पौंटा साहिब में पुलिस ने दस दिन तक रखा था हिरासत में
पीड़िता ने चेयरपर्सन को यह भी बताया कि पौंटा साहिब क्षेत्र के एक थाने में पुलिस ने उसे झूठे मामले में दस दिन तक हिरासत में रखा था। जबकि बाद में मामला झूठा पाए जाने पर उसे छोड़ दिया गया। महिला का आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने उसके साथ मारपीट भी की। आयोग ने पीड़िता से पूछा कि पुलिस कर्मचारी की कोई पहचान है तो पीड़िता ने कहा कि पुलिसकर्मी बिना वर्दी के थाने में तैनात थे। इस मामले में महिला आयोग ने संज्ञान लेते हुए कहा कि हिमाचल सरकार को इस बारे में लिखा जाएगा कि इस मामले में उचित कार्यवाही हो।