हरियाणा के यमुनानगर में शराब ठेकेदार नरेंद्र कुमार से रुपये व शराब वसूली की मांग के आरोप में फंसे चारों पुलिसकर्मी में से एएसआई जितेंद्र, ईएएसआई सुरेंद्र व प्रवीण कुमार को एसपी मोहित हांडा ने निलंबित कर दिया गया है, जबकि चौथे आरोपी इंस्पेक्टर रामफल के खिलाफ कार्रवाई के लिए विजिलेंस को लिखा है।
पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक बराड़ा के गांव कंबास निवासी नरेंद्र कुमार ने बताया कि 22 जून 2021 से उसने साढौरा क्षेत्र के गांव असगरपुर में शराब का ठेका लिया हुआ है। आरोपी पुलिसकर्मी उससे मंथली व शराब की मांग करते आए हैं। उससे हर माह शराब व रुपये लिए जाते थे। विरोध करने पर झूठे मुकद्दमे में फंसाने की धमकी दी जाती थी।
यहां तक बार-बार थाने में बुलाकर प्रताड़ित व अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता था। बिना बात के घंटों थाने में बिठाया जाता था। इसके लिए उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। इन बातों से परेशान होने के बाद नरेंद्र कुमार ने सरकार व पुलिस महकमें में शिकायत दी है। ठेकेदार नरेंद्र कुमार ने बताया कि अभी से उन पर समझौते के लिए दबाव डाला जा रहा है।
उन्हें खुद को जान का खतरा भी महसूस हो रहा है। उनका कहना है कि इस मामले में जो भी सच्चाई थी वह उन्होंने आला पुलिस अफसरों के समक्ष ला दी है। आला पुलिस अफसरों के हस्तक्षेप के बाद ही संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज हुआ है। इस मामले में उनके पास जो भी साक्ष्य है, उससे उन्होंने आला अफसरों को भी अवगत करवाया है।
मामले में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है जबकि चौथा आरोपी अभी करनाल विजिलेंस कार्यालय में कार्यरत है। लिहाज उसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए करनाल विजिलेंस को लिखा गया है।
- मोहित हांडा, एसपी, यमुनानगर।