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नाराजगी सरकार से, परेशानी हुई आम जनता

Thu, 03 Sep 2015 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर
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केंद्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर बुधवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में जिले के विभिन्न विभागों से जुड़े कर्मचारी कामकाज छोड़ सड़कों पर उतर आए। बंद का सबसे ज्यादा असर बैंकिंग और रोडवेज की सेवाओं पर पड़ा। जिले के कुछ बैंकों को छोड़ अन्य सभी शाखाओं के कर्मचारियों ने वर्क सस्पेंड रखा।
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इसी तरह रोडवेज कर्मचारियों ने भी यमुनानगर डिपो से बसों को नहीं चलने देने का प्रयास किया। बावजूद इसके जिला प्रशासन ने अलग-अलग रूट की करीब 75 बसों को चलाया। इसके विरोध में कर्मियों की प्रशासनिक अधिकारियों के साथ नोक-झोंक भी हुई।

बता दें कि यमुनानगर डिपो में कुल 168 रोडवेज बसें हैं, जिनमें कुल 155 ऑनरूट हैं। इनमें से विभिन्न रूट की केवल 75 बसें ही चल पाईं। कई रूटों पर यात्रियों को बसेें नहीं मिल पाईं। इससे एक ओर रोडवेज को करीब सात लाख का नुकसान हुआ, वहीं यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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पो फटते ही बस स्टैंड व कार्यशाला गेट पर डट गए कर्मचारी
रोडवेज कर्मचारी यूनियनों से जुड़े रोडवेज कर्मचारी और नेता बुधवार को पो-फटते ही सुबह चार बजे से यमुनानगर बस स्टैंड और कार्यशाला गेट पर डट गए। अन्य विभागों के कर्मचारी और यूनियन नेता भी पहुंचे। सभी ने धरना देकर सरकार के खिलाफ रोष-प्रदर्शन किया और बस स्टैंड से बसों को बाहर नहीं जाने दिया। जिला प्रशासन ने बस स्टैंड को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया।

अधिकारियों ने रणनीति बनाई कि हर बस के आगे पुलिस की एक गाड़ी उसे सुरक्षा देते हुए लेकर जाने का काम करेगी, लेकिन जैसे ही इसकी पहली कोशिश की गई प्रदर्शनकारियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने बसें को बस स्टैंड की दहलीज तक लांघने नहीं दी। प्रदर्शनकारियों ने बस को पीछे धकेल दिया और यात्रियों को बस से नीचे उतरने पर मजबूर कर दिया।

इस बीच मौके पर मौजूद डीएसपी हेडक्वार्टर जोगिंद्र शर्मा और मदनलाल से कर्मचारियों की नोकझोंक भी हुई। बसें चलाने को लेकर कई बार कर्मचारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तनातनी की स्थिति बनी। मौके पर डीसी डॉ. एसएस फुलिया, एसपी डॉ. अरुण नेहरा, जीएम रोडवेज अश्वनी डोगरा, तहसीलदार दर्शन, डीएसपी हेडक्वार्टर जोगिंद्र शर्मा, डीएसपी जगाधरी राजेंद्र, डीएसपी मदनलाल व कई थाना प्रभारी पुलिस बल सहित तैनात रहे। शाम पांच बजे तक अलग-अलग रूट की करीब 75 बसों को प्रशासन की ओर से चलवा दिया गया था।

बैंकों में भी रही हड़ताल, सौ करोड़ का लेन-देन प्रभावित
जिले के बैंक कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे। कुछ बैंकों को छोड़ करीब 170 शाखाओं में कामकाज नहीं हो पाया और करीब सौ करोड़ का लेन-देन प्रभावित रहा। उपभोक्ताओं को परेशानी हुई और उन्हें बैंकों से उल्टे पांव लौटना पड़ा। बैंक कर्मियों ने हरियाणा बैंक एंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले रेलवे रोड स्थित स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की मुख्य शाखा के सामने रोष प्रदर्शन किया। इसमें फेडरेशन से जुड़े जिला व ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया। प्रधान कृष्ण लाल ने बैंक कर्मियों से कहा कि यह हड़ताल केंद्रीय सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ है। बैंकों की आल इंडिया बैंक एंप्लाइज एसोसिएशन द्वारा इसका समर्थन किया गया है। सचिव गुरमुख सिंह ने कर्मचारियों को संबोधित किया। इस मौके पर सुशील गुप्ता, जगदीश लाल, हरदीप सिंह, अनिल मेहता व अन्य नेता मौजूद रहे।

इन्होंने भी झोंकी हड़ताल में ताकत
रोडवेज और बैंकों के अलावा डाक विभाग, पीडब्ल्यूडी, जनस्वास्थ्य एवं जल अभियांत्रिकी विभाग, बिजली निगम के कर्मियों व नगर पालिका कर्मचारी संघ, विभिन्न अध्यापक संगठनों सहित मिड-डे मील, आंगनबाड़ी व आशा वर्करों ने भी हड़ताल में अपनी ताकत झोंकी। रोष मार्च निकाल कर यमुनानगर रोडवेज कार्यशाला पहुंचे। इधर, प्रदर्शनकारियों ने धरना देकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

हड़ताल को देखते हुए जिला पुलिस की पहले से ही तैयारी थी। बुधवार को बस स्टैंड सहित अन्य स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस की पूरी तैयारियां थी। किसी भी प्रदर्शनकारी को कानून हाथ में नहीं लेने दिया गया।  मदनलाल, डीएसपी, यमुनानगर पुलिस।

यात्रियों को दिक्कत का सामना न करना पड़े, इसके लिए हरसंभव प्रयास किया गया। शाम तक 75 बसों को चलवा दिया गया। हड़ताल के चलते नुकसान के बारे में अभी अंदाजा नहीं लगाया गया है।
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अश्वनी कुमार डोगरा, जीएम, यमुनानगर रोडवेज।


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