रादौर। शराब ठेकेदारों के बदमाशों द्वारा अगवा कर अधमरा किए गए दूसरे शराब ठेकेदारों के दो कारिंदों को पीजीआई में होश आ गया है। सीआईए ने दोनों के बयान दर्जकर आगामी कार्रवाई आरंभ कर दी है। दोनों घायलों ने पुलिस के समक्ष नौ लोगों के अलावा चार पांच अन्य लोगों के विरुद्ध उनका अपहरण कर उनके हाथ-पैर फ्रैक्चर करने और तेजधार हथियारों से हमला करने की बात कही। पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती मुकेश मान ने बताया कि पिछले शनिवार की रात को लगभग 11 बजे वह बकाना शराब के ठेके को बंद करके सेल्समैन राजेंद्र के साथ बाइक से रादौर लौट रहा था। रादौर थाने के पास शराब ठेकेदार अमरनाथ नाचरौन वगैरह 10 से 15 लोग दो बोलेरो गाड़ियां लेकर खडे़ थे। उन्हें देखकर दोनों बाइक से भागने लगे। पीछा कर रहे ठेकेदार के बदमाशों ने मुकंदलाल कॉलेज के पास उसकी बाइक को टक्कर मारी और जबरन उन्हें और राजेंद्र को बोलेरो में डालकर अज्ञात स्थान पर ले गए और मारपीट की थी। उधर, थाना रादौर में अपहरण का मामला दर्ज हुए एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद अब तक किसी भी अपहरणकर्ता को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है। पीड़ित युवक के भाई दिनेशमान ने बताया कि पुलिस द्वारा एक सप्ताह बाद भी अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार न किया जाना पुलिस की लापरवाही दिखाता है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो मामले को लेकर वह डीजीपी हरियाणा पुलिस से मिलेंगे। गौरतलब है कि पिछले शनिवार को शराब के ठेकेदारों के बदमाशों द्वारा रादौर में दूसरे शराब के ठेकेदारों के दो कारिंदों का अपहरण कर उन्हें अधमरा कर उत्तर प्रदेश सीमा में फेंक दिया गया था। इसके बाद उन्हें गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती करवाया गया था। इस बारे में थाना रादौर पर शीशपाल वालिया ने बताया कि मामला सीआईए के पास है। मामले को लेकर आगामी कार्रवाई भी सीआईए स्टाफ ही करेगा।