बीते रविवार की रात एनएच-73 ए (जगाधरी-पौंटा) पर जगाधरी मच्छी मार्केट के सामने पीसीआर की टक्कर से घायल हुए रेहड़ी चालक की मंगलवार रात अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक की मौत से गुस्साए परिजन मृतक के पोस्टमार्टम के दौरान आरोपी पीसीआर चालक को गिरफ्तार की मांग पर अड़ गए और हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पाकर डीएसपी राजेंद्र कुमार, ड्यूटी मजिस्ट्रेट व नायब तहसीलदार कृष्णलाल पुलिस बल समेत मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को पीसीआर चालक को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया, किंतु इस पर भी वह शांत न हुए। बाद में पुलिस ने पीसीआर चालक को गिरफ्तार कर लिया, तब जाकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी हो पाई।
दुर्गा गार्डन के रामचंद्र ने बताया कि वह बुडिय़ा गेट पुलिस चौकी के समीप मुंगफली की रेहड़ी लगाते हैं। रात के समय उनका बेटा रोहित (24) रेहड़ी पर आ जाता था और वह घर चले जाते थे। रोज की तरह रविवार रात भी रोहित करीब साढ़े दस बजे रेहड़ी लेकर घर लौट रहा था। इस दौरान जब वह मच्छी मार्केट के समीप नेशनल हाइवे पर बने डिवाइडर कट को पार कर रहा था तो दूसरी ओर से आती पुलिस पीसीआर ने उसकी रेहड़ी को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से रेहड़ी पलट गई और रोहित गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर के बाद पीसीआर भी पोल से टकरा कर क्षतिग्रस्त हो गई।
हादसे के बाद रोहित को तड़पता छोड़ गई थी पुलिस:
जगाधरी सिविल अस्पताल में राहित के पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों में गौतम, नंदलाल, राजकिशोर ने कहा कि जब पुलिस की पीसीआर के चालक ने रेहड़ी में टक्कर मारी, तब रोहित घायल हो गया और चिल्लाता रहा, लेकिन पीसीआर सवार चालक उसे छोड़ मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद पुलिस की एक अन्य पीसीआर मौके पर पहुंची और उस पर आई पुलिस क्षतिग्रस्त पीसीआर में मामूली चोटिल पुलिस कर्मियों को ले गई, लेकिन उनके बेटे रोहित को वहीं तड़पता छोड़ दिया। बाद में परिजन मौके पर पहुंचे और आसपास के लोगों की मदद से रोहित को अस्पताल में पहुंचाया गया।
दो दिन जिंदगी और मौत के बीच लड़ता रहा रोहित:
परिजनों ने बताया कि जगाधरी सिविल अस्पताल से रोहित की हालत को गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर किया था, लेकिन वह उसे शहर के प्राइवेट अस्पताल में ले आए, जहां दो दिन से जिंदगी और मौत के बीच लड़ रहा था। मंगलवार रात उसकी मौत हो गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल जगाधरी के शवगृह में रखवा दिया, जहां बुधवार सुबह मृतक के पोस्टमार्टम की कार्रवाई हुई,
किंतु इससे पूर्व वह पीसीआर चालक की मांग पर अड़ गए।
अज्ञात पर किया केस, चालक को नामजद क्यूं नहीं:
हंगामा कर रहे परिजनों ने कहा कि पुलिस ने मामले में नाम पता ना मालूम एक पीसीआर चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में केस दर्ज किया है। जबकि क्षतिग्रस्त पीसीआर पर नंबर व रजिस्ट्रेशन नंबर साफ नजर आ रहे थे। हालांकि पुलिस को अपनी हर पीसीआर व उसके चालक का नाम पता होता है और उसकी ड्यूटी कहां है, यह भी मालूम होता है। बावजूद इसके पुलिस ने अज्ञात पीसीआर चालक के खिलाफ केस दर्ज किया। जबकि यहां चालक को नामजद किया जाना चाहिए था। इस बारे पूछने पर पुलिस ने उन्हें कोरा जवाब दिया कि शिकायतकर्ता ने उन्हें पीसीआर चालक का नाम नहीं बताया था।
गिरफ्तारी न होने तक दो घंटे तक जमकर काटा बवाल:
हंगामा कर रहे परिजनों को समझाने जगाधरी डीएसपी राजिंद्र, ड्यूटी मजिस्टे्रट नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार, थाना शहर प्र्रभरी सुशील पुलिस बल समेत मौके पर पहुंचे, लेकिन परिजन उसके बाद भी शांत नहीं हुए। सूचना पाकर हरको फेड के चेयरमैन रामेश्वर चौहान, बीजेपी पार्षद के पति शालू जौहर, बीजेपी नेता प्रदीप अग्रवाल भी परिजनों को समझाने पहुंचे। करीब दो घंटे तक पुलिस व जनप्रतिनिधि परिजनों को समझाते रहे, लेकिन गिरफ्तारी होने पर ही पोस्टमार्टम होने देने की बात कही। इस पर पुलिस ने आरोपी पीसीआर चालक पर केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। इस पर परिजन शांत हुए और पोस्टमार्टम की कार्रवाई हुई।
पीसीआर चालक के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। उसे सस्पेंड करने के आदेश दे दिए हैं। साथ ही मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
सुनील, प्रभारी, थाना शहर जगाधरी।