सौ-सौ गज के प्लॉटों पर कब्जा दिलाने के लिए पुलिस फोर्स न मिलने पर भड़के लोगों ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। किसी भी अधिकारी द्वारा उनकी बात न सुनने पर लोग और भड़क गए। कार्यालय के भीतर जमकर हंगामा किया। मौके पर आए एसडीएम को नाराज लोगों ने घेर लिया और जमकर नारेबाजी की।
जगाधरी शहर थाना क्षेत्र के भगवानगढ़ की महिलाएं और पुरुष शुक्रवार दोपहर लघु सचिवालय पहुंचे। लोगों के हाथों में महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत सौ सौ गज प्लॉटों रजिस्ट्री, इंतकाल और अन्य दस्तावेज थे। उनकी बात सुनने के लिए कोई भी अधिकारी बाहर नहीं आया।
इससे लोग भड़क गए और सचिवालय के भीतर घुस गए। भीतर डीसी, सीटीएम, एसडीएम सहित कई अन्य अधिकारी अपने कार्यालयों में नहीं मिले। इससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया और जमकर हंगामा किया। सचिवालय के भीतर हंगामे का पता चलने पर हुडा चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को सचिवालय से बाहर निकलने को कहा, लेकिन वे टस से मस नहीं हुए।
हंगामे का पता चलते पर एसडीएम पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। एसडीएम ने उन्हें बताया कि फिलहाल पर्याप्त फोर्स नहीं है। पुलिस फोर्स आते ही मौके पर भेजकर निशानदेही करवा दी जाएगी। इस आश्वासन के बाद लोग शांत हुए।
चार अक्तूबर को निशानदेही के दौरान हुआ था झगड़ा
भगवानगढ़ निवासी यशपाल, फूलचंद, फजलूद्दीन, शीशपाल, अनीश, गुरमेल सिंह, सोना, सुशीला, बर्मी ने बताया कि चार अक्तूबर को भगवानगढ़ में सौ-सौ गज के प्लॉट कटवाने के लिए पंचायती जमीन की निशानदेही करवाई जा रही थी। आरोप है कि एक समुदाय के लोगों ने इसका विरोध किया और उनके साथ मारपीट करने पर उतारू हो गए। गांव में झगड़ा होने के बाद प्रशासन की ओर से निशानदेही रोक दी गई थी। जिस बारे में पांच अक्तूबर को वे डीसी डा. एसएस फुलिया से मिले थे। उन्होंने नौ अक्तूबर को पुलिस कस्टडी में निशानदेही करवाने का आश्वासन दिया था।
103 लोगों के काटे जाने हैं प्लॉट
लोगों ने बताया कि महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत वर्ष 2008-09 में गांव के लोगों ने आवेदन किया था। जिनमें से 103 पात्रों के नाम लिस्ट में आए थे। सभी लाभपात्रों के पास अब प्लॉटों की रजिस्ट्री, इंतकाल व अन्य दस्तावेज हैं लेकिन उसके बाद भी एक समुदाय के लोग उन्हें प्लॉटों पर कब्जा नहीं लेने दे रहे हैं।