अतिरिक्त एवं जिला सत्र न्यायाधीश डा. नरेश कुमार सिंहल की अदालत ने हत्या के प्रयास के सात दोषियों को सात साल और चार दोषियों को पांच साल की कैद व चार-चार हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। लगभग तीन साल बाद दोषियों को सजा सुनाई गई है।
सरकारी वकील मेनपाल ने बताया कि 26 नवंबर 2013 को तीर्थ नगर निवासी कश्मीरी लाल ने थाना सदर यमुनानगर पुलिस को शिकायत दी थी कि उनके परिवार की राजसिंह और उसके लड़के के साथ रंजिश चल रही है। 26 नवंबर की सुबह उसका भाई सतपाल खेतों में पशुओं के लिए चारा लेने के लिए गया था। करीब साढ़े 11 बजे उसका भाई सतपाल चारा लेकर वापस लौट रहा था। जब उसका भाई हनुमान मंदिर तीर्थ नगर के पास पहुंचा तो वहां खड़े धीरज, राहुल उर्फ मुर्गा, समीर, साहिल, मींटू, राहुल, शिव राणा, आकाश उर्फ कांशी, नितिन, आशू व मुकेश ने उसपर तलवार, रॉड व सरियों से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में उसका भाई गंभीर रूप से घायल हो गया था। मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। मामले में सुनवाई करते हुए करीब तीन साल बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. नरेश कुमार सिंहल की अदालत ने मामले में सभी आरोपियों को दोषी ठहराते हुए दोषी धीरज, राहुल उर्फ मुर्गा, समीर, साहिल, मींटू, राहुल व शिव राणा को सात साल की सजा और चार-चार हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं दोषी आकाश उर्फ कांशी, नितिन, आशू व मुकेश को पांच साल की सजा व तीन-तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने न देने पर दोषियों को अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी।