यमुनानगर। मलयशिया में 40-45 हजार रुपये प्रति माह की नौकरी दिलाने के नाम पर चार लोगों से चार लाख रुपये की ठगी का मामला प्रकाश में आया है। आरोपी ने प्रत्येक व्यक्ति से एक-एक लाख रुपये लिए। बाकी एक- एक लाख रुपये मलयशिया पहुंचने के बाद देने की बात तय हुई। कुछ दिन पहले इन लोगों को मलयशिया में नौकरी करने के लिए भेजा गया था। लेकिन मलेशिया के एयरपोर्ट पर आरोपी उन्हें चकमा देकर फरार हो गया। इसके बाद एयरपोर्ट पर ही इमीग्रेशन डिपार्टमेंट ने उन्हें पकड़ लिया और उन्हें तीन दिन कस्टडी में रखा। तीन दिन बाद उन्हें जुर्माना लेकर छोड़ा गया। किसी तरह चारों चेन्नई पहुंचे और ट्रेन से यमुनानगर वापस आए। बुधवार को उन्होंने इसकी शिकायत डीएसपी को दी। डीएसपी ने शिकायत मामले की जांच के लिए इकोनॉमिक सैल में भेज दिया।
शिवपुरी-बी कॉलोनी निवासी हरबर्ट ने बताया कि वह प्राइवेट स्कूल में टैक्सी चलाने का काम करता था। उसकी गांव पीरमाजरा निवासी बलबीर सिंह से दोस्ती है। बलबीर के पास कालका कॉलोनी निवासी एक युवक का आना जाना था। जिससे वह उसके भी संपर्क में आ गया और उनकी दोस्ती हो गई। युवक ने उन्हें बताया वह मलयशिया रहकर आया है। वहां पर यहां से दस गुना अधिक वेतन मिलता है। यदि आप लोग वहां चले जाओ तो 40 से 45 हजार रुपये प्रति माह कमा सकते हो। युवक ने उन्हें बताया कि उसके मलयशिया में कई लोगों से संबंध हैं। वह उनकी नौकरी वहां लगवा देगा। विश्वास पक्का करने के लिए आरोपी ने मलेशिया में स्थित अपने एक जानकार से उनकी बात भी कराई।
आरोपी ने उन्हें कहा कि मलयशिया में वर्क वीजा के लिए दो लाख रुपये का खर्च आएगा, जिसमें से एक लाख यहीं देना होगा। जबकि एक लाख मलेशिया पहुंचने पर देना होगा। इस दौरान हरबर्ट के दोस्त अंबाला के नारायणगढ़ क्षेत्र के गांव रातौर निवासी नरिंद्र कुमार व सढूरा निवासी अमर सिंह भी उसके झांसे में आ गए। इसके बाद चारों ने आरोपी व्यक्ति को 75-75 हजार रुपये दे दिए और बकाया 25-25 हजार रुपये चेन्नई एयरपोर्ट पर देने के लिए कहा। युवक ने उन चारों को 28 अगस्त को सुबह 4:40 बजे चेन्नई एयरपोर्ट से फ्लाइट होने की बात कही। जिसके बाद युवक उन्हें लेकर चेन्नई एयरपोर्ट पर पहुंचा।
चेन्नई एयरपोर्ट पर युवक ने उनसे 25-25 हजार रुपये ले लिए। मलयशिया एयरपोर्ट पर पहुंचते ही आरोपी उन्हें चकमा देकर वहां से फरार हो गया। इसके बाद एयरपोर्ट पर ही इमीग्रेेशन डिपार्टमेंट की टीम ने उन्हें पकड़ लिया। इमीग्रेशन पुलिस ने उनके कागजात चेक किए और उनके पासपोर्ट व वीजा अपने पास रख लिए। युवक ने जिस होटल का पता उन्हें दिया था, वह गलत था। इसके बाद मलेशिया पुलिस ने उन्हें हवालात में बंद कर दिया और तीन दिन कस्टडी में रखा।
प्रत्येक से 850 रिंगिट लिया जुर्माना, फिर छोड़ा :
हरबर्ट व बलबीर ने बताया कि होटल का पता सही न होने पर इमीग्रेशन टीम ने उन्हें तीन दिन कस्टडी में रखा। पुलिस ने प्रत्येक व्यक्ति से जुर्माने के रूप में 850 रिंगिट (15 हजार रुपये) की मांग की। उन्होंने अपने परिजनों से बात कर पैसे मंगवाए और फिर प्रत्येक व्यक्ति के 850 रिंगिट का जुर्माना भरा। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ा और उनके पासपोर्ट वापस किए।
नंगे पांव पहुंचे घर :
31 अगस्त को मलयशिया से उन्होंने चेन्नई के लिए फ्लाइट पकड़ी। चेन्नई से किसी तरह वह दिल्ली पहुंचे। दिल्ली से उन्होंने पैसेंजर ट्रेन पकड़ी और 3 सितंबर को वह यमुनानगर आए। इस दौरान ट्रेन में उनका सामान व जूते-चप्पल भी चोरी हो गए। वे नंगे पैर स्टेशन पहुंचे और परिजनों को सूचित किया। परिजन उन्हें घर लेकर गए।
षड़यंत्र के तहत की धोखाधड़ी :
हरबर्ट, अमर सिंह, नरिंद्र कुमार और बलबीर सिंह ने डीएसपी को दी शिकायत में कहा कि आरोपी ने अपने साथी संग मिलकर उनके साथ षड़यंत्र के तहत धोखाधड़ी की। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि मलयशिया से लौटने के बाद वह आरोपी के घर गए, लेकिन आरोपी घर नहीं मिला। जब आरोपी से फोन पर संपर्क बनाकर अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। परेशान होकर वे इसकी शिकायत देने एसपी के पास पहुंचे।
एक और युवक से हुई 40 हजार की ठगी, पासपोर्ट भी रख लिया :
आजाद नगर की गली नंबर छह निवासी बंटी ने भी कालका कॉलोनी निवासी युवक पर मलयशिया भेजने के नाम पर 40 हजार रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है। बंटी का कहना है कि युवक ने उससे भी मलेशिया में जॉब दिलाने के लिए दो लाख रुपये का खर्च आने की बात कही थी और 40 हजार रुपये एडवांस में लिए थे। उसका पासपोर्ट भी युवक के पास है। अब युवक न तो पासपोर्ट दे रहा है और न ही पैसे वापस कर रहा है। बंटी ने भी मामले की शिकायत डीएसपी को दी है।
बढ़ रही कबूतरबाजी, सोच समझकर थमाएं पैसा :
जिले में कबूतरबाजी के केस बढ़ रहे हैं। एजेंट मलेशिया, कनाडा, थाइलैंड, दुबई, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब सहित विभिन्न देशों में यमुनानगर से युवाओं को नौकरी के लिए भेजते हैं। लेकिन अधिकतर मामलों में युवाओं का पैसा फंस जाता है। एजेंट पूरी तरह से युवाओं का काम नहीं करते। जिससे उन्हें विदेशों में जाकर भी धक्के खाने पड़ते हैं। इसके अलावा कुछ एजेंट फ्राड कर युवाओं से पैसा हथिया लेते हैं, लेकिन उन्हें विदेश नहीं भेजा जाता। ऐसे में लोगों को खुद जागरूक होने की जरूरत है। विदेश जाने के लिए किसी एजेंट को पैसा देने से पूर्व पूरी तरह उसके बारे में जानकारी हासिल कर लें।