तस्करी कर ले जाई जा रही टनों खैर की लकड़ी वन विभाग की टीम ने पकड़ी है। खैर की लकड़ी दो कैंटरों से ले जाई जा रही थी। कैंटरों में करीब 100 क्विंटल खैर की लकड़ी भरी हुई थी। वन विभाग द्वारा यह कार्रवाई रविवार अल सुबह ताजेवाला बैरियर के पास की गई। पकड़ी गई लकड़ी का बाजारी मूल्य करीब सात लाख बताया जा रहा है। वन विभाग ने वाहन मालिकों का पता लगाने और संबंधी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार रविवार अल सुबह वन विभाग को सूचना मिली की ताजेवाला बैरियर पास फैजपुर के डेरे में सड़क किनारे दो कैंटर खैर की लकड़ी से भरे खड़े हैं। जहां लकड़ी कैंटरों से ट्रक में लादी जा रही थी। सूचना मिलने पर डीएफओं ने वन दरोगा रामेश्वर के नेतृत्व में एक टीम तैयार बनाई और उक्त स्थान पर दबिश दी। वन विभाग टीम खैर की लकड़ी से भरे दोनों कैंटरों व ट्रक पकड़ कर वन रेंज कलेसर ले आई। डीएफओ नवेदिता बुद्धिराजा ने बताया कि विभाग द्वारा जांच की जा रही है कि यह लकड़ी कहां से लाई गई और कहां ले जाई जा रही है।
फर्जी वाहन नंबर से हो रही थी तस्करी:
खैर की लकड़ी के साथ पकड़े गए कैंटर और ट्रक के नंबरों से छेड़छाड़ की गई है। तस्करों द्वारा कैंटरों और ट्रक के नंबर काटकर हरियाणा का, हिमाचल औैर अन्य स्टेट का बनाया गया है। ताकि जल्दी से इसे कोई पहचान न हो सके।
गश्त बढ़ाने के दिए निर्देश:
डीएफओ निवेदिता ने बताया कि वन कर्मचारियों को गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। डीएफओ ने कर्मचारियों से कहा कि रोड व जंगलों में गस्त बढ़ाई जाए। जंगलों और सड़कों के चारों तरफ सुरक्षा चाक चौबंध की जाए। वन क्षेत्र एरिया से गुजरने वाले हर व्यक्ति व वाहन पर नजर रखी जाए। ताकि खैर तस्करी पर अंकुश लगाया जाए।
लगभग 100 किवंटल है खैर
वन राजिक अधिकारी नवेदिता ने बताया कि रविवार तड़के 2 कैंटर व एक ट्रक को खैर की लकड़ी से भरा पकड़ा है। इन वाहनों व खैर का चालान कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वाहन मालिकों की जांच की जा रही है। जैसे ही वाहनों के कागजात मिल जाएंगे, तो वाहन मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग पूरी मुस्तैदी से जांच कर रहा है। जल्द ही तस्करों को पकड़ लिया जाएगा।