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Haryana: यमुनानगर में महिला क्लर्क गिरफ्तार, 30 हजार रुपये घूस लेती रंगेहाथ पकड़ी, एसीबी की टीम ने की कार्रवाई

Tue, 20 Jan 2026 07:25 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)

सार

यमुनानगर में अस्पताल निर्माण से संबंधित एनओसी जारी करने के नाम पर रिश्वत मांगने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदूषण नियंत्रण विभाग में तैनात महिला क्लर्क को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
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महिला क्लर्क गिरफ्तार। डेमो पिक। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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हरियाणा के यमुनानगर में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम एक महिला क्लर्क को घूस लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला यमुनानगर प्रदूषण बोर्ड कार्यालय में बतौर क्लर्क कार्यरत है। महिला लिपिक को 30 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ पकड़ा है। 
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महिला क्लर्क यमुनानगर में अस्पताल निर्माण से संबंधित एनओसी जारी करने के नाम पर रिश्वत मांग रही थी। इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदूषण नियंत्रण विभाग में तैनात महिला क्लर्क दिव्या को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी की टीम ने मंगलवार शाम को क्लर्क दिव्या को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए दबोच लिया।

जानकारी के अनुसार जिला करनाल के गांव घरौंदा निवासी रिंकू यमुनानगर शहर के रेलवे रोड पर प्रभु अस्पताल का निर्माण कर रहा है। अस्पताल निर्माण के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग से एनओसी अनिवार्य थी, जिसके लिए रिंकू ने विभाग में आवेदन किया था। आरोप है कि एनओसी जारी करने के बदले क्लर्क दिव्या ने 30 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की और फाइल आगे बढ़ाने का दबाव बनाया।
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आरोपी से की जा रही पूछताछ
रिश्वतखोरी से परेशान रिंकू ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की। शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद एसीबी ने जाल बिछाया। तय रणनीति के तहत मंगलवार शाम को शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम के साथ आरोपी क्लर्क के पास भेजा गया। जैसे ही क्लर्क ने रिश्वत की राशि अपने हाथ में ली, पहले से तैनात एसीबी टीम ने मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया।

एंटी करप्शन ब्यूरो ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे मामले में विभाग के अन्य कर्मचारी या अधिकारी भी शामिल थे या नहीं। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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