जिला जेल में एक बार फिर कैदी के पास मोबाइल फोन मिलने से जेल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुलकर सामने आ गई है। शहर पुलिस ने एडिशनल सुपरिंटेंडेंट जेल सुभाष चंद की शिकायत पर तीन कैदियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि जल्द ही कैदियों को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ की जाएगी। साथ ही पता लाया जाएगा कि कैदियों के पास मोबाइल फोन, सिम कार्ड तथा बैटरी कैसे पहुंची। गौरतलब है कि 23 सितंबर को भी जेल में एक कैदी के पास से मोबाइल फोन मिला था। जिसकी पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।
शहर पुलिस को दी शिकायत में सुभाष चंद ने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि स्थानीय जेल में कैदियों द्वारा मोबाइल का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके उपरांत उन्होंने एक टीम का गठन किया और कैदियों की बैरक में पहुंच कर कैदियों की तलाशी के लिए स्पेशल अभियान चलाया।
जांच अभियान के दौरान जेल में बंद कैदी सद्दाम, सुधीर तथा अदनाम के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम तथा बैटरी मिली। जिसके उपरांत उन्होंने मामले की शिकायत शहर पुलिस को दी। जांच अधिकारी एएसआई राजकुमार का कहना है कि जल्द ही तीनों कैदियों को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
जेल की सुरक्षा व्यवस्था में छेद है। यही वजह है कि कैदियों के पास धड़ल्ले से मोबाइल फोन पहुंच रहे हैं। जिनका वे इस्तेमाल भी कर रहे हैं। इससे पहले 23 सितंबर को स्थानीय जेल में यूपी के एक कैदी के पास मोबाइल फोन मिला था।
कैदियों के पास मोबाइल फोन कैसा पहुंचा, इसके बारे में जेल प्रशासन व पुलिस अधिकारी कुछ कहने को तैयार नहीं हैं लेकिन बड़ा सवाल यह है कि कैदियों के पास जो भी सामान जाता है, जेल प्रशासन द्वारा उसकी गहनता से जांच की जाती है। बावजूद इसके कैदियों के पास से मोबाइल फोन मिल रहे हैं।