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हत्यारोपी की गिरफ्तारी को लेकर परिजनों ने काटा बवाल

Sun, 06 Dec 2015 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर
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गोबिंदपुरी रोड स्थित निजी अस्पताल के बाहर फाइनेंसर की छाती में पेचकस घोंपकर हुई हत्या के मामले में परिजनों व वाल्मीकि समाज के लोगों ने हत्यारोपी की गिरफ्तारी को लेकर जमकर बवाल काटा। सिविल अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में हंगामे के बाद दर्जनों युवाओं ने रेलवे रोड पर करीब 20 मिनट जाम लगाए रखा।
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प्रदर्शनकारियों ने पुलिस व सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया और हत्यारोपी की गिरफ्तारी के साथ निजी अस्पताल के डॉक्टर पर भी कार्रवाई की मांग की। सुबह से दोपहर तक कई घंटे मृतक के पोस्टमार्टम के दौरान गहमा-गहमी का माहौल रहा। इस बीच मौके पर पहुंचे जगाधरी एसडीएम समेत तीन डीएसपी कई घंटे तक गुस्साए लोगों को मनाते रहे। बाद में जाम लगाए जाने पर एसएचओ नरेंद्र राणा द्वारा गिरफ्तारी के आश्वासन पर प्रदर्शनकारी शांत हुए।

गांव भंभौली के फाइनेंसर रविंद्र उर्फ बॉबी को शुक्रवार को गोबिंदपुरी रोड स्थित निजी अस्पताल के बाहर छाती में पेचकस घोंप कर घायल कर दिया था, जिसके कुछ देर बाद ही रविंद्र की मौत हो गई। आरोप है कि कैंप के शाह नाम के युवक ने रविंद्र द्वारा फाइनेंस पर दिए गए वाहन की किस्त मांगने पर वारदात को अंजाम दिया।
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इस दौरान रविंद्र का साथी गरेहीराबनी निवासी असलम अस्पताल के मेडिकल स्टोर में कार्यरत नितिन को पचास हजार रुपये देने गया था। दोनों का सेल-परचेस का काम है और शहर में कार वाशिंग कराने के लिए आए थे। वारदात के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, मृतक के बेटे राहुल की शिकायत पर अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज किया था।

शनिवार को रविंद्र के शव के पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों समेत मौके पर एकत्रित हुए वाल्मीकि समाज के लोग निजी अस्पताल में लगे सीसी कैमरों की फुटेज देख भड़क गए। उन्होंने हत्यारोपी की गिरफ्तारी के साथ निजी अस्पताल के डॉक्टर पर भी कार्रवाई की मांग की। वाल्मीकि समाज के कर्मवीर पारचा, रिंकू गागट, ताराचंद कंड्रोली, राजिंद्र वाल्मीकि, नगर निगम के डिप्टी मेयर रामपाल, पार्षद अजय बिल्लू ने सीसी कैमरों की फुटेज देख कहा कि निजी अस्पताल के डॉक्टर ने कर्तव्य नहीं निभाया।

जबकि उन्हें बिना देरी किए रविंद्र का इलाज करना चाहिए था, किंतु वह चुपचाप खड़े सब देखते रहे। अगर रविंद्र को समय पर इलाज मिलता तो शायद उसकी मौत न हो पाती। ऐसे में डाक्टर भी उसकी मौत के लिए बराबर के जिम्मेदार हैं, इसलिए डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए। परिजनों व समाज से जुड़े लोगों के रोष को देख मौके पर पहुंचे डीएसपी अजय राणा व डीएसपी मदनलाल ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने।

परिजनों ने रविंद्र के पोस्टमार्टम के लिए कागजों पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया। इस कारण डाक्टर कई घंटे तक इंतजार करते रहे, जिसके कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे जगाधरी एसडीएम प्रेमचंद गांगल ने परिजनों व समाज के लोगों से बात की। एसडीएम ने उन्हें कहा कि जांच कर जो कार्रवाई बनेगी, वह अमल में लाई जाएगी। इस पर भी परिजन व समाज के लोग नहीं माने और उन्होंने कहा कि पुलिस आरोपी डॉक्टर को पकड़ कर थाने ले जाए, तो वह पोस्टमार्टम कराने को तैयार हैं। एसडीएम ने डीएसपी से बात कर एक पीसीआर को अस्पताल के लिए भेजा दिया। इस पर परिजनों के हस्ताक्षर करने पर पोस्टमार्टम कार्रवाई हुई।

गिरफ्तारी न होने पर सड़क के बीच बैठ लगाया जाम
एसडीएम द्वारा अस्पताल के लिए पीसीआर भेजने पर कुछ देर माहौल शांत रहने के बाद मौके पर वाल्मीकि समाज के दलीप कंडेरा, रिंकू, मनोज, सुरेंद्र सोहना, ओमप्रकाश, बॉबी दामला, साहिल, सन्नी, विजय सुढै़ल समेत अन्य युवा पहुंच गए। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा डाक्टर को गिरफ्तार नहीं कर पाई है और पुलिस व सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। मौके पर मौजूद डीएसपी मदनलाल व डीएसपी जोगिंद्र शर्मा ने उन्हें मनाने का प्रयास किया। किंतु दर्जनों की संख्या में युवा नहीं माने और नारेबाजी करते हुए अस्पताल के सामने रेलवे रोड पर सड़क के बीच बैठ गए। इससे मार्ग पर जाम लग गया और दोनों ओर से आवाजाही बाधित होने से वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस पर एसएचओ नरेंद्र राणा मौके पर पहुंचे और जाम लगाकर बैठे युवाओं को गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इस पर करीब 20 मिनट बाद गुस्साए युवओं द्वारा जाम खोल दिया गया।

पुलिस छावनी में तब्दील रहा पोस्टमार्ट हाउस
फाइनेंसर रविंद्र के पोस्टमार्टम के दौरान सिविल अस्पताल यमुनानगर का पोस्टमार्टम हाउस पुलिस छावनी में तब्दील रहा। इस दौरान मौके पर तीन डीएसपी व ट्रैफिक समेत कई थाना प्रभारी के अलावा पुलिस कर्मियों से भरी बस मौके पर पहुंची। सुबह से दोपहर तक मोर्चरी पर पोस्टमार्टम कार्रवाई के दौरान काफी गहमा-गहमी भरा माहौल रहा। मौके पर बुलाई गई वाटर कैनन वैन समेत कई पुलिस पीसीआर व अन्य अधिकारियों की गाड़ियों को देख अस्पताल में आने-जाने वाला हर कोई भारी पुलिस बल देख रुक कर मामले के बारे पूछता दिखा।
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