अगस्त माह में बुखार से पीड़ित पांच वर्षीय बच्चे की हुई मौत के मामले में पुलिस ने तीन माह बाद एक झोलाछाप डॉक्टर पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप में केस दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई मेडिकल ऑफिसर डा. राजीव दुआ की शिकायत पर की। बताया जा रहा है कि डॉक्टर के पास डॉक्टर डिग्री संबंधित प्रमाणपत्र भी नहीं है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
गांव मैहलांवाली निवासी राजबीर के पांच वर्षीय बेटे वंश की 21 अगस्त को संदिग्ध बुखार से मौत हो गई थी। राजबीर ने गांव की डॉक्टर सुरेंद्र पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। इस संबंध में उसने सीएम विंडों में शिकायत दी थी। शिकायत में राजबीर ने बताया कि बेटे वंश की बुखार की दवा लेने के लिए वह मैहलांवाली के ही डाक्टर सुरेंद्र के पास गया। सुरेंद्र ने वंश को इंजेक्शन लगा दिया। आरोप है कि 17 दिन तक वह इंजेक्शन लगाता रहा, लेकिन बच्चे की हालत में सुधार नहीं हुआ। तबीयत अधिक खराब होने पर उसने वंश को पीजीआई ले जाने की बात कहीं। जहां 21 अगस्त को उसकी मौत हो गई। राजबीर का आरोप है कि इंजेक्शन लगने के बाद उसके बेटे की तबीयत बिगड़ गई। इससे वंश की मौत हो गई। सीएम विंडो पर शिकायत जाने के बाद सीएमओ ने इस मामले की जांच मेडिकल ऑफिसर डाक्टर राजीव दुआ को दी। डा. दुआ ने मामले की जांच की डाक्टर की लापरवाही सामने आई। शनिवार शाम इसकी शिकायत थाना सदर जगाधरी में दी गई। शिकायत आने के बाद पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना सदर जगाधरी एसएचओ राजिंद्र सिंह का कहना है कि डॉ. राजीव दुआ की शिकायत पर सुरेंद्र के खिलाफ इलाज में लापरवाही का केस दर्ज कर लिया है। जल्द ही डॉक्टर का गिरफ्तार कर लिया जाएगा।