आईएसबीटी दिल्ली में यमुनानगर काउंटर पर एडवांस बुकिंग पर तैनात परिचालक की गुरुवार सुबह हार्ट अटैक से मौत हो गई। उसे अधिकारियों द्वारा प्रताड़ित किए जाने के आरोप में हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों ने चक्का जाम कर दिया, जो कि सुबह साढ़े ग्यारह से शाम साढ़े पांच बजे तक रहा। इस दौरान यमुनानगर बस स्टैंड के मुख्य गेट पर रोडवेज कर्मियों ने बस को खड़ा कर बसों को आने-जाने नहीं दिया और धरना प्रदर्शन किया। इसके चलते दिनभर यात्री भटकते दिखे, जिसमें नौकरीपेशा लोगों समेत विद्यार्थियों को खासी परेशानी हुई।
यमुनानगर बस स्टैंड पर धरना-प्रदर्शन के दौरान हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन संगठन सचिव महीपाल सोढे, प्रधान वरेयाम, सिंह, रतन सिंह, बीएमएस यूनियन के प्रधान प्रताप सिंह ने कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने बातया कि आईएसबीटी दिल्ली में यमुनानगर काउंटर पर एसवांस बुकिंग के लिए झज्जर के परिचालक सुंदर लाल की ड्यूटी थी। इस दौरान दिल्ली डिपू के तीन इंस्पेक्टर, आरएसओ यमुनानगर काउंटर पर पहुंचे। आरोप है कि अधिकारी हर रोज दस हजार रुपये नोटबंदी के चलते 500-500 के नोट खुलवाते थे। सुंदरलाल के पास खुले पैसे नहीं थे और जब उसने अधिकारियों को मना किया तो वह उसकी चेकिंग करने लगे। आरोप है कि चेकिंग के दौरान उसके पेंट, जूते उतरवाए और उसका टिफिन तक चेक किया गया। इसी बीच परिचालक को हार्ट अटैक आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसी के रोष में रोडवेज कर्मचारियों ने पूरे हरियाणा का चक्का जाम किया है, जोकि यमुनानगर में भी किया जा रहा है।
मृतक के परिजनों को मिले 50 लाख मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी:
यमुनानगर बस स्टैंड पर सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे रोडवेज कर्मचारियों ने मुख्य गेट पर बस को खड़ा कर बसों की आवाजाही रोक दी। गुस्साए कर्मचारियों ने यहीं दरी बिछाकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसकी सूचना पाकर पुलिस बल समेत अधिकारी मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया, किंतु कर्मचारी टस से मस न हुए। उन्होंने आरोपी अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। उन्होंने कहा कि उन अधिकारियों को सस्पेंड तो कर दिया गया है, लेकिन वह इससे संतुष्ट नहीं हैं। उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाए और गिरफ्तार किया जाए। यदि उन्हें गिरफ्तार न किया गया तो वह बसे नहीं चलने देेंगे। उन्होंने मांग की कि जिस परिचालक की मौत हुई है, उसके परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा व किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।चक्का जाम में हरियाणा कर्मचारी रोडवेज यूनियन सहित एसकेए, महासंघ, इंटक, जेएमएस आदि यूनियनों ने हिस्सा लिया।
नौकरीपेशा लोगों समेत विद्यार्थियों को हुई खासी परेशानी:
चक्का जाम से सबसे ज्यादा परेशानी जिले में दूसरे शहरों से बसों के जरिए रोजाना आने वाले नौकरीपेशा लोगों व विद्यार्थियों को हुई। इसके अलावा अन्य यात्री भी परेशान रहे। चक्का जाम 11:30 से 5:30 बजे तक रहा, जिस बीच कोई बस न चलने से यात्री गंतव्य तक पहुंचने के लिए अन्य विकल्प तलाशते दिखे। विश्वकर्मा चौक पर खड़े राजेश, गुरजंत, बिमलेश ने कहा कि कुरुक्षेत्र से यमुनानगर के शिक्षण संस्थान में पढ़ने आते हैं। सुबह वह शहर में आ गए, लेकिन अब वापस जाने के लिए बस नहीं मिल रही है। ऐसे में वह अब अन्य विकल्प तलाश रहे हैं। इसी तरह यमुनानगर बस स्टैंड पर विपिन ने कहा कि वह अंबाला से यमुनानगर नौकरी के लिए आते हैं, उन्हें वापस जाने को बस नहीं मिल रही।