हरियाणा के यमुनानगर में दिल्ली के नंदू गैंग के गुर्गों को हथियार सप्लाई करने वाला आरोपी रजत कुमार उर्फ रजत मुखिया आखिरकार सीआईए टू टीम के हत्थे चढ़ गया। आरोपी सहारनपुर के गांव बरौली का रहने वाला है, जिसकी पुलिस को काफी समय से तलाश भी थी। आरोपी को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से पूछताछ के लिए एक दिन के रिमांड पर लिया गया है।
उल्लेखनीय है 13 अप्रैल को सीआईए टू टीम को सूचना मिली थी कि नंदू गैंग दिल्ली के दो गुर्गे जिला झज्जर के गांव बराना में हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले हैं। आरोपी अमन और अरमान के ऊपर पहले से ही कई संगीन मामले दर्ज हैं। इसके बाद पुलिस टीम का गठन कर सुडैल मोड़ पर नाकाबंदी की गई।
इस दौरान पुलिस को बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर दो युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोककर पूछताछ की तो उन्होंने अपना नाम अमन और अरमान बताया। तलाशी लेने पर अमन की जेब से एक देसी पिस्टल 32 बोर और पांच कारतूस बरामद हुए जबकि अरमान की जेब से एक देसी कट्टा व पांच कारतूस बरामद हुआ था।
पूछताछ पर आरोपियों ने बताया कि यह अवैध असलहा और बाइक उन्हें सचिन पंडित और सुमित राणा के कहने पर रजत मुखिया ने उपलब्ध कराया था। बताया कि हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों को पांच लाख रुपये की सुपारी मिली थी। अमन और अरमान से पूछताछ के बाद ही पुलिस को रजत की तलाश थी, जिसे पुलिस ने मंगलवार को यमुनानगर से गिरफ्तार कर लिया।