आस्ट्रेलिया में स्टडी वीजा लगवाने के नाम पर एक व्यक्ति ने गोबिंदपुरी निवासी ज्ञान हंस से चार लाख रुपये की ठगी की है। आरोप है कि आरोपी ने आस्ट्रेलिया की बजाय उसका सिंगापुर का वीजा लगवा दिया। पीड़ित ने सीएम विंडो पर शिकायत देकर आरोपी से उसकी चार लाख रुपये की राशि, असली पासपोर्ट और शिक्षा के प्रमाण पत्र वापस दिलवाने की मांग की है।
गोबिंदपुरी निवासी ज्ञान हंस ने शिकायत में बताया कि वह आस्ट्रेलिया पढ़ने के लिए जाना चाहता था। उसकी मुलाकात बीती फरवरी में एक व्यक्ति से हुई, जिसका कार्यालय लाल द्वारा कालोनी के पास है। आरोपी ने आश्वासन दिया कि उसका आस्ट्रेलिया का स्टडी वीजा लगवा देगा, लेकिन इस पर कुल आठ लाख का खर्च आएगा। जिसमें चार लाख एडवांस देने होंगे। साथ ही पासपोर्ट तथा शिक्षा के सभी प्रमाण पत्र भी देने होंगे। ज्ञान हंस ने बताया कि उसने फरवरी में अपने जानकार गौरव के सामने 75 हजार रुपये नगद दिए और बीती छह मार्च को सवा तीन लाख रुपये बैंक के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी ने उसका आस्ट्रेलिया में वीजा नहीं लगवाया, जबकि 30 मार्च को बताया कि उसका सिंगापुर का वीजा लगा गया है और वह सिंगापुर चला जाए। हालांकि वीजा दो मार्च का इश्यू हुआ था, लेकिन आरोपी ने उसे 30 मार्च को ही बताया। ज्ञान हंस ने बताया कि उसने सिंगापुर जाने से इंकार कर दिया, क्योंकि वह आस्ट्रेलिया में जाना चाहता था। इसके बाद वह कई बार आरोपी से मिला, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। परेशान होकर उसने आरोपी से अपने चार लाख रुपये वापस देने की मांग रखी, जिस पर आरोपी ने पुलिस में उसके खिलाफ ही शिकायत कर दी। पुलिस चौकी में उसकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं। पीड़ित ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेज कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने, उससे चार लाख रुपये की रकम तथा असली पासपोर्ट व शिक्षा के असली प्रमाण पत्र दिलवाने की मांग भी रखी।