यमुनानगर। शहर की चौधरी कॉलोनी में संदिग्ध हालात में मां-बेटी की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों ने गेहूं में रखने वाली गोलियां (सल्फास) निगलकर आत्महत्या की। रविवार सुबह जब मां बेटी ने उल्टियां करना शुरू किया तो परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उनकी मौत हो गई। डॉक्टर के अनुसार दोनों मां बेटी की मौत जहरीला पदार्थ खाने से हुई। अस्पताल से सूचना मिलने पर रामपुरा चौकी इंचार्ज भूपेंद्र सिंह राणा अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे। उन्होंने मां-बेटी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। मां बेटी द्वारा आत्महत्या करने के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए है। पुलिस ने मामले की जांच की बाद ही कारणों के बारे में कुछ कहने की बात कह रही है।
रात को आए थे मेहमान, सुबह उठे तो उल्टियां करती मिली मां बेटी
चौधरी कॉलोनी निवासी दीपक ने शहर पुलिस को बताया कि वे अपनी पत्नी संगीता (42), बेटी नंदिनी उर्फ नंदू (17) और बेटे रोबिन के साथ रहते हैं। बीती रात उनके घर मेहमान आए हुए थे। हंसी खुशी सभी ने रात का खाना खाया और सो गए। सुबह वे थोड़ी देरी से उठे। रिश्तेदार उनसे थोड़ा पहले उठ चुके थे। उन्होंने देखा कि संगीता और उनकी बेटी उल्टियां कर रहे हैं। वहां पर एक अलग तरह की दुर्गंध भी आ रही थी। वे तुरंत दोनों को शहर के निजी अस्पताल ले गए। जहां थोड़ी ही देर में दोनों ने दम तोड़ दिया।
नंदिनी ने अच्छे अंकों से पास की थी 12वीं की परीक्षा
परिजनों के अनुसार नंदिनी पढ़ने में बहुत होशियार थी। हर साल अच्छे अंक लेकर पास होती थी। हाल ही में उसने 12वीं की परीक्षा भी अच्छे अंकों से पास की थी। वह जल्द ही कॉलेज में एडमिशन लेने की तैयारी कर रही थी। लेकिन इससे पहले यह घटना हो गई। मां बेटी ने सुसाइड क्यों किया, यह सोच सभी सकते में है।
दो घरों में मातम का माहौल
संगीता का मायके यूपी के सहारनपुर के नुकुड़ में है। कुछ साल पहले संगीता के भाई विश्वनाथ की मौत हो गई थी। इसके बाद संगीता की मां कुलवंती देवी को संगीता का ही सहारा था। लेकिन अब संगीता और बेटी नंदिनी की मौत से इस घर में भी मातम छा गया। चौका चूल्हा भी बंद हो गया है। संगीता की मौत के बाद कुलवंती देवी विलाप करती हुई यही बोल रही थी कि संगीता ही उसका सहारा बची थी, वो भी चली गई।
पारिवारिक परेशानियों से तनाव में उठाते है सुसाइड करने का कदम
मनोचिकित्सक डॉ. सुनील कुमार का कहना है कि आत्महत्या के कई कारण होते हैं। पारिवारिक और अन्य तरह की परेशानियां बढ़ने पर ही आदमी इस तरह का कदम उठाता है। अधिक तापमान और गर्मी का कोई रोल नहीं है। जब भी व्यक्ति या महिला के व्यवहार में बदलाव आए तो डाक्टरी परामर्श जरूर लें। अकसर लोग तनाव में ही ऐसा कदम उठाते है।
रामपुरा चौकी, शहर थाना यमुनानगर के इंचार्ज भूपेंद्र सिंह राणा ने बताया कि जहरीला पदार्थ खाने से मां-बेटी की मौत की सूचना उन्हें निजी अस्पताल से मिली थी। दोनों पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिए हैं। मौैके पर मृतक संगीता के मायके और ससुराल पक्ष मौजूद थे। मौत के कारणों की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चलेगा।