यमुना पर अवैध पुल और बांध बनाकर माइनिंग कर रहे खनन ठेकेदारों के खिलाफ बुधवार को प्रशासन ने आधा दर्जन घाटों का निरीक्षण किया। रादौर के एसडीएम कंवर सिंह की अगुवाई में सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने खनन के कार्य का निरीक्षण शुरू होते ही खनन ठेकेदारों में हड़कंप मच गया और वे अपने स्तर पर इस करवाई को रुकवाने का प्रयास किया। इस दौरान कई खनन प्वाइंट्स पर यमुना के बीच में पुल बनाकर पानी की धारा मोड़ने का प्रयास पाया गया। जिस पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने खनन ठेकेदारों के खिलाफ यमुना के पानी का बहाव मोड़ने के प्रयास करने की शिकायत दी है। इस दौरान एसडीएम रादौर कवंर सिंह के अलावा डीएसपी रादौर कुशल पाल राणा, एक्सईएन सिंचाई विभाग विनोद कुमार, एसडीओ जसविंदर सिंह, तहसीलदार रादौर अशोक कुमार, माइनिंग रक्षक नारायण सिंह व थाना प्रभारी ओम प्रकाश मौजूद रहे। अधिकारियों के साथ बदसलूकी की निरीक्षण के दौरान जठलाना में एक ठेकेदार ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बदसलूकी की। इस ठेकेदार के खिलाफ सिंचाई विभाग की तरफ से पहले से एफ आई आर दर्ज है। अधिकारियों ने उक्त व्यक्ति को गाड़ी में बिठा लिया और निरीक्षण कार्य पूरा होने के बाद ही छोड़ा।अमर उजाला ने उठाया मुद्दा जसराना क्षेत्र में खनन ठेकेदार द्वारा अवैध रूप से पुल और बांध बनाकर खनन किए जाने के मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। बुधवार को खबर प्रकाशित होने के बाद डीसी आमना तस्नीम ने एसडीम रादौर की अगुवाई में विशेष टीम बनाकर जठलाना और गुमथला क्षेत्र में निरीक्षण के लिए भेजा। इस टीम में सिंचाई और खनन विभाग के अधिकारी भी शामिल रहे।दिल्ली हाईकोर्ट की टीम ने किया था दौरा।करीब एक पखवाड़े पहले दिल्ली हाई कोर्ट की तरफ से रिटायर्ड जज की अगुवाई में 3 सदस्य कमेटी ने ताजे वाला से लेकर गुमथला तक यमुना नदी का दौरा किया था और यहां बने अवैध बांध और पुलों की रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी थी। इससे पहले दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों ने भी यहां का दौरा कर हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखी थी कि इन अवैध बांधों और पुलों की वजह से दिल्ली में पानी नहीं पहुंच रहा और पानी का बहाव बाधित हो रहा है। दिल्ली सरकार की तरफ से मिली चिट्ठी के बाद मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन को आदेश दिए थे कि तमाम पुलों को तोड़ा जाए और पानी का बहाव सीधा किया जाए। इसके बाद सिंचाई विभाग ने 5 जगहों पर अवैध पुल गिरा दिए गए थे।
कुछ जगह पर ठेकेदार पानी का बहाव मुड़ कर अवैध पूल बनाना चाह रहे थे ठेकेदारों को चेतावनी दे दी गई है कि वे किसी भी सूरत में यमुना के पानी का बहाव ना मोरे अगर कोई ऐसा करता तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विनोद कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
हाई कोर्ट की ओर से भी निर्देश जारी किए गए कि यमुना पर अवैध रूप से पुल बनाकर पानी का बहाव नहीं मोड़ा जा सकता , लेकिन ठेकेदार अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं जिसको लेकर अब प्रशासन जल्दी ठेकेदारों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेगा। अगर कोई भी ठेकेदार नियमों के विपरीत कार्य करता दिखाई दिया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -कंवर सिंह, एसडीएम रादौर।
किस्त जमा नहीं कराने पर एक और ठेकेदार का परमिट रद्द
कनालसी घाट पर खनन का परमिट हासिल करने वाली कंपनी पीएस बिल्डटेक समय पर माइनिंग की किस्तें जमा नहीं करवा पाई। जिस पर खनन विभाग ने इस कंपनी का माइनिंग परमिट कैंसिल कर दिया है। अब ठेका कंपनी यहां पर किसी भी तरह का खनन करने के लिए अधिकृत नहीं रही। बकाया जमा कराने के बाद ही उसके ठेके पर विचार किया जाएगा। इससे पहले इसी कंपनी पीएस बिल्डेटेक का जयधरी और जठलाना घाट को भी खनन विभाग बंद करवा चुका है। खनन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कनालसी घाट पर 2 करोड़ से ज्यादा बकाया है।