सहारनपुर रोड स्थित पुल से एक छात्रा ने पश्चिमी यमुना नहर में छलांग लगा दी। बताया जा रहा है छात्रा के साथ एक छात्र भी था। दोनों ने एक दूसरे का हाथ पकड़ा हुआ था और दोनों स्कूल ड्रेस में थे। घटना सुबह करीब साढ़े आठ बजे की है। दोनों को नहर में कूदते हुए वहीं पर ढाबा करने वाले युवक मंटू ने देखा। जैसे ही वे कूदे लोग शोर मचाते हुए एकत्र हो गए। छलांग लगाने के बाद छात्रा ऊपर आई और उसके बाद डूब गई। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर शहर थाना व हमीदा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन गोताखोर न मिलने की वजह से पुलिस भी यहां से लौट आई। नहर में डूबे छात्र व छात्रा में से किसी की शिनाख्त हो सकी है।
जानकारी अनुसार बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे छात्र व छात्रा स्कूल ड्रेस में सहारनपुर रोड से होते हुए पुल पर पहुंचे। दोनों ने एक दूसरे के हाथ पकड़े हुए थे। दोनों पुल पर चढ़ गए और हाथ पकड़कर नहर में कूद गए। जिसके बाद वे नहर में डूब गए। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि उन्हें केवल छात्रा को नहर में कूदते देखा था। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि छात्र व छात्रा दोनों हाथ पकड़कर नहर में कूदे। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। लेकिन पुलिस बिना गोताखोरों के नहर पर पहुंची।
लड़की डूबने के चार घंटे बाद तक भी नहीं पहुंचे गोताखोर :
सुबह साढ़े आठ बजे छात्रा के नहर में डूबने की सूचना पुलिस को दी गई थी। लेकिन दोपहर तक कोई भी गोताखोर पुलिस को नहीं मिल पाया था। क्योंकि सरकारी गोतखोरों को प्रशासन ने हटा दयिा है। अब हाई प्रोफाइल मामला होने पर कुरुक्षेत्र से गोताखोरों को बुलाया जाता है। जबकि यमुनानगर नदियों व नहरों से घिरा हुआ है। यहां डूबने से काफी लोगों की हर साल जान चली जाती है। बावजूद इसके यहां पर एक भी सरकारी गोताखोर नहीं। जिससे नहर में डूबने वालों की तलाश नहीं हो पा रही है।
पुलिस के भी अलग अलग तर्क
नहर में कूदने को लेकर भी हमीदा चौकी इंचार्ज अमरीक सिंह का कहना है कि हमें एक छात्रा के डूबने की सूचना मिली है। वहीं शहर यमुनानगर थाने के एसआई प्रमोद वालिया का कहना है कि आसपास के लोगों से पूछताछ की गई, तो पता लगा कि छात्र व छात्रा नहर में कूदे हैं। अभी उनका पता नहीं लगा है। इस बारे में कंट्रोल रूम में सूचना दी गई है। यदि कोई मिसिंग कंप्लेन आती है, तो उसके आधार पर ही पहचान हो सकेगी। गोताखोर भी लगाए गए हैं। वह भी अपने स्तर से तलाश कर रहे हैं।