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सात महीने के मासूम बेटे के सामने मां का कत्ल, दो घंटे लाश के पास बैठकर रोता रहा बच्चा

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यमुनानगर। न्यू जैन नगर कॉलोनी में रहने वालेे स्टोल क्रशर उद्यमी राजिंद्र सिक्का के घर का दृश्य दिल दहला देने वाला था। कातिल ने सात महीने के मासूम बच्चे के सामने मां का गला काट दिया। फर्श पर खून ही खून बिखरा हुआ था। सोफे पर भी खून, यहां तक की गला काटते समय खून की धार दीवार से भी टकरा ई। मासूम बच्चे की आंखों में आंसू देखकर भी हत्यारे के हाथ नहीं कांपे। दो घंटे तक मासूम बच्चा अपनी मां की लाश के पास बैठकर रोता रहा। बाद में नौकर राजेश जब कमरे में आया तो उसने बच्चे को संभाला।
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पहले फोन भी नहीं उठाया गया, जब मामला हाई प्रोफाइल निकला तो एसपी पहुंचे
वारदात का पता चलने पर नौकर ने पड़ोसियों को सूचना दी। पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने पुलिस कंट्रोल नंबर 100 व एंबुलेंस कंट्रोल नंबर 102 पर 20 से ज्यादा बार फोन किया। लेकिन किसी ने भी फोन रसीव नहीं किया। कंट्रोल रूम में जब किसी ने फोन नहीं उठाया तो परिजन अर्जुन नगर चौकी पहुंचे। उन्होंने हत्या के बारे में पुलिस को जानकारी दी। मामला हाई प्रोफाइल फैमिली से जुड़ा होने के चलते बाद में एसपी कुलदीप यादव खुद मौके पर पहुंचे। उनसे पहले डीएसपी हेडक्वार्टर सुभाष, डीएसपी जगाधरी सुधीर व डीएसपी प्रदीप, जगाधरी सिटी एसएचओ राकेश, सीआईए-टू इंचार्ज श्रीभगवान यादव समेत अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच चुके थे।
मृतका रोजी के खून के कतरे पूरे कमरे में फर्श व दीवारों पर भी लगे हुए थे। घर के बाहर गली में भी खून बिखरा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि हत्यारोपी वारदात को अंजाम देने के बाद दीवार फांदकर भागा होगा, जिससे गली में खून के निशान पड़ गए। फिलहाल सीन आफ क्राइम की टीम ने खून के छींटों की जांच की।
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डेढ़ माह से खराब थे घर के सीसीटीवी, गली के भी अधिकतर बंद :
हत्यारोपी का सुराग लगाने के लिए पुलिस ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। लेकिन सीसीटीवी बंद मिले। जांच में पता चला है कि सीसीटीवी डेढ़ माह से खराब हैं। इसके बाद पुलिस ने गली में घरों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की, लेकिन अधिकतर कैमरे बंद मिले।
नौकर भी संदेह के घेरे में
पुलिस ने नौकर बिहार निवासी राजेश को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। राजिंद्र ने उसे घर के सामने ही अपना दूसरा मकान रहने के लिए दे रखा था। जिस मकान में नौकर रहता है, एसपी ने उसकी भी जांच की। यहां से पुलिस ने नौकर के कपड़े भी जांच के लिए भेजे हैं, क्योंकि ये कपड़े गीले थे। ऐसा लग रहा था कि अभी यह कपड़े धोएं गए हैं। पुलिस ने टंकी के पास से एक साबुन भी बरामद किया है, जिससे संभवत: हाथ साफ किए गए हैं। दरअसल नौकर इसलिए भी संदेह के घेरे में है, क्योंकि जब राजिंद्र ने उसे कॉल किया, तो उसने बताया कि वह जर्दा लेने के लिए आया है। अभी जाकर देखता हूं। करीब 20 मिनट बाद वह आया था। वह 19 अप्रैल को ही अपने घर से वापस लौटा था।
20 दिन से घर पर थे राजिंद्र
राजिंद्र ने अपना मोटापे का ऑपरेशन करवाया था। 20 दिन से वह घर पर ही थे। वीरवार को रजिस्ट्री करवाने के लिए वह भी करवानी थी। रजिस्ट्री का कार्य नहीं हुआ, तो वह सीधे स्टोन क्रशर पर चले गए। वहां से उन्होंने रोजी को फोन किया था।
घर में लगे सीसीटीवी भी खराब
राजेंद्र के घर पर सीसीटीवी भी लगे हुए हैं, लेकिन दस दिन पहले वह खराब हो गए थे। पुलिस ने पड़ोसियों के भी सीसीटीवी देखे गए, लेकिन अधिकतर के खराब मिले। इस वजह से पुलिस को भी कोई सुराग नहीं मिला।
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