यमुनानगर। सुरक्षा उपकरणों के बगैर जिला न्यायालय के पास 17 फीट गहरे सीवरेज में सफाई करने उतरे एक सफाई कर्मी गैस चढ़ने से बेहोश हो गया। सीवरेज में डूबे कर्मी को निकालने के लिए जब दूसरा सफाईकर्मी अंदर उतरा तो वह भी बेहोश गया, लेकिन रस्सा बंधे होने के कारण अन्य कर्मियों ने उसे बाहर निकाल लिया। बाद में पास के निजी अस्पताल से ऑक्सीजन किट लगाकर बचाव कर्मी सीवरेज के अंदर उतरे और पानी में डूबे सफाई कर्मचारी को रस्सी से बांधकर बाहर निकाला। उन्होंने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद ठेकेदार मौके से फरार हो गया। सफाई कर्मियों ने ठेकेदार व विभाग पर उन्हें उचित उपकरण न देने व मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। वहीं सीवरेज लाइन को लेकर पब्लिक हेल्थ और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने इसे एक-दूसरे की जिम्मेदारी बताया। इसके साथ ही ठेकेदार से भी मामले से अपना पल्ला झाड़ लिया। चौंकाने वाली बात ये है कि दोनों ही विभाग के अधिकारी काम करवाने से मुकर रहे हैं। ऐसे में ये स्पष्ट नहीं हो सका कि ठेकेदार किस विभाग के कहने पर सीवरेज की सफाई करवा रहा था।
पांच कर्मचारी लगे थे काम में
पुराना हमीदा निवासी देवराज (34), बलजिंद्र सिंह, साजन, परमजीत सिंह व संजय पब्लिक हेल्थ में ठेकेदार इमरान के पास कार्यरत हैं। सोमवार को पांचों सफाई कर्मी ठेकेदार के साथ सीवरेज की सफाई करने के लिए जिला न्यायालय के पास स्थित निजी अस्पताल की पास आए थे। जगाधरी रोड के किनारे पांचों कर्मियों ने सीवरेज का ढक्कन खोला तो उसके अंदर से बहुत बुरी गंद व गैस निकली। कर्मियों ने बताया कि पहले बलजिंद्र का सीवरेज के अंदर उतरना था, लेकिन पहले देवराज रस्सी लेकर सीवरेज के अंदर उतर गया।
न रस्सी मिली और न ही ऑक्सीजन किट
साथी कर्मचारियों ने बताया कि जब देवराज सीवरेज के अंदर गया तो उसके पास ना तो रस्सी थी और ना ही ऑक्सीजन किट। सीवरेज के अंदर आठ सीढ़ियां उतरते ही देवराज बेहोश होकर सीढ़ियों से गंदे पानी में गिरकर डूब गया। आनन-फानन में बलजिंद्र ने कमर पर रस्सी बांधी और उसे निकालने के लिए सीवरेज में उतर गया। लेकिन कुछ सीढ़ियां उतरते ही वह भी गैस चढ़ने के कारण बेहोश होने लगा। उसने ऊपर कर्मियों को इशारा किया तो उन्होंने उसे तुरंत बाहर निकाल लिया। बाहर निकलते ही वह बेहोश हो गया, जिस पर उसे प्राथमिक उपचार दिया गया।
निजी अस्पताल से मंगवाई किट
इसके बाद कर्मियों ने पास के अस्पताल से ऑक्सीजन किट मंगवाई। मुंह पर ऑक्सीजन किट लगाकर बलजिंद्र दो रस्से लेकर सीवरेज के अंदर उतरा। करीब पांच मिनट में उसने गंदे पानी में देवराज की तलाश कर उसकी कमर पर रस्सी बांधी और रस्सी लेकर सीवरेज से बाहर आया। बाहर आते ही वह फिर से बेहोश होने लगा। इसके बाद अन्य कर्मियों ने रस्सी की मदद से देवराज को बाहर निकाला।
गंदगी में नंगे हाथों से करते हैं सफाई :
कर्मियों का आरोप है कि ठेकेदार ने न तो उन्हें बदबू से बचने के लिए मास्क दिया है, न ही दम घोटने वाले सीवरेज के अंदर सफाई करने के लिए ऑक्सीजन किट। बिना दस्तानों के वे नंगे हाथों से ही सफाई करते हैं। बिना हेल्मेट के वे सीवरेज के अंदर काम करते हैं। सीवरेज की सफाई करते हुए अक्सर गैस चढ़ने व ऑक्सीजन की कर्मी होने के कारण कर्मियों का दम घुट जाता है। उन्होंने इस बारे में ठेकेदार से कई बार मांग की, लेकिन हर बार उनकी मांग को अनसुना कर दिया गया। उनका आरोप है कि यदि ठेकेदार द्वारा उन्हें उचित उपकरण दिए होते तो उनके साथ ऐसी घटना नहीं घटती।
उचित उपकरण नहीं तो विभाग ने क्यों दिए ऐसे ठेकेदार को ठेका :
कर्मियों ने कहा कि पब्लिक हेल्थ द्वारा ठेका देने से पहले ठेकेदार के पास पर्याप्त साधन हैं या नहीं इसकी जांच होनी चाहिए। पर्याप्त साधन वाले ठेकेदार को ही ठेका देना चाहिए। विभाग द्वारा समय समय पर ठेकेदारों के उपकरणों व उनके द्वारा करवाए जा रहे कार्यों का निरीक्षण भी किया जाना चाहिए।
मां ममता के बाद पिता का भी साया उठा :
मृतक देवराज की लगभग पांच साल पहले मनप्रीत से शादी हुई थी। शादी के बाद इनके यहां बेटे जतिन ने जन्म लिया। जतिन के जन्म के कुछ माह बाद उसकी मां की मौत हो गई। अभी जतिन चार साल का ही हुआ था, कि उसके पिता देवराज की भी मौत हो गई।
ठेकेदार पर केस दर्ज :
-मृतक के परिजनों ने ठेकेदार पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। मामले में मृतक देवराज के भाई राम सिंह की शिकायत पर आरोपी ठेकेदार पर केस दर्ज कर लिया है। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा। यह लाइन किस विभाग की है, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
- एसआई विजय कुमार, इंचार्ज, हुडा चौकी जगाधरी।
दोनों विभागों के एक्सईएन ने झाड़ा पल्ला
-इस सीवर लाइन की हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा मेंटीनेंस करवाई जाती है। इस संबंध में हमारी तरफ से पहले कई बार पत्र व्यवहार किया जा चुका है। इसकी सफाई भी उसी विभाग के अधिकारी करवा रहे थे।
-टीआर पंवार, एक्सईएन, पब्लिक हेल्थ।
-यह लाइन पब्लिक हेल्थ की है। हमारे विभाग में न तो ठेकेदार पंजीकृत है और न ही हमने उसे सफाई का कोई ठेका दे रखा है। -योगेश्वर, एक्सईएन, हशविप्रा
-ठेकेदार इमरान ने बताया कि रूटीन में सफाई का काम किया जा रहा था। रस्सी टूटने से देवराज को बाहर नहीं निकाला जा सका, जिसके चलते यह हादसा हो गया। वह किस विभाग के लिए काम कर रहा था, इस सवाल का जवाब देने से पहले ही उसने फोन काट दिया।